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बेंगलुरु39 मिनट पहले

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मेट्रो ट्रेन में खराबी के बाद बुधवार को यात्री घर जाने के लिए ट्रकों का इस्तेमाल करते दिखे। - Dainik Bhaskar

मेट्रो ट्रेन में खराबी के बाद बुधवार को यात्री घर जाने के लिए ट्रकों का इस्तेमाल करते दिखे।

बेंगलुरु मेट्रो की पर्पल लाइन में मंगलवार शाम आई तकनीकी खराबी के बाद कई यात्री घर तक जाने के लिए ट्रकों का इस्तेमाल करते दिखे। सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो वायरल हुए। यात्री ट्रक, कैब और ऑटो से घर पहुंचे।

मेट्रो अधिकारियों के मुताबिक, शाम 6 बजे क्यूब्बन पार्क मेट्रो स्टेशन पर पर्पल लाइन की एक ट्रेन में तकनीकी खराबी आई, जिसकी वजह से पूरी पर्पल लाइन को बंद करना पड़ा।

पीक आवर्स के दौरान मेट्रो बंद होने से स्टेशनों पर यात्रियों की लंबी कतारें लग गईं। इसकी वजह से हजारों यात्री स्टेशन पर फंस गए। मेट्रो 5 घंटे बंद रही। बुधवार सुबह 5 बजे शुरू हुई।

अफरा-तफरी की 4 तस्वीरें…

मेट्रो बंद होने के बाद लोग ट्रकों से घर जाते दिखे।

मेट्रो बंद होने के बाद लोग ट्रकों से घर जाते दिखे।

क्यूब्बन पार्क मेट्रो स्टेशन के बाहर पुलिस ने जाम हटाने की कोशिश की।

क्यूब्बन पार्क मेट्रो स्टेशन के बाहर पुलिस ने जाम हटाने की कोशिश की।

क्यूब्बन पार्क मेट्रो स्टेशन पर भीड़ इकट्ठा हो गई। लोग 2 से 3 घंटे परेशान रहे।

क्यूब्बन पार्क मेट्रो स्टेशन पर भीड़ इकट्ठा हो गई। लोग 2 से 3 घंटे परेशान रहे।

लोगों को जानकारी नहीं मिलने की वजह से स्टेशन पर लंबी लाइन लग गई।

लोगों को जानकारी नहीं मिलने की वजह से स्टेशन पर लंबी लाइन लग गई।

पर्पल लाइन 25 लाख आईटी प्रोफेशनल्स के लिए जरूरी

बेंगलुरु के टेक प्रोफेशनल्स के लिए पर्पल लाइन मेट्रो की सबसे जरूरी लाइन है। बेंगलुरु में लगभग 25 लाख आईटी प्रोफेशनल्स काम करते हैं, जो शहर की कुल आबादी का करीब 20% हैं।

इस विशाल वर्कफोर्स के लिए सिल्क बोर्ड और आउटर रिंग रोड इलाकों के भारी ट्रैफिक जाम से बचने का मेट्रो सबसे भरोसेमंद साधन है।

यह लाइन इसलिए सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सीधे शहर के सबसे बड़े आईटी कॉरिडोर व्हाइटफील्ड और ITPL (इंटरनेशनल टेक पार्क बेंगलुरु) को सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट (एमजी रोड, मजेस्टिक, विधान सौध) से जोड़ती है।

इस रूट पर पड़ने वाले प्रमुख स्टेशन्स के जरिए रोजाना लाखों टेक कर्मचारी अपने ऑफिस पहुंचते हैं। यहां टीसीएस, इन्फोसिस, आईबीएम, कॉग्निजेंट, विप्रो, और ओरैकल जैसी बड़ी कंपनियों के ऑफिस मौजूद हैं।

बेंगलुरु सांसद बोले- ‘फर्स्ट वर्ल्ड टेक टैलेंट, थर्ड वर्ल्ड गवर्नेंस’

बेंगलुरु दक्षिण से भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने सोशल मीडिया पर लिखा कि फर्स्ट वर्ल्ड टेक टैलेंट, थर्ड वर्ल्ड गवर्नेंस। यही बेंगलुरु की कहानी है। मेट्रो सेवाओं में व्यवधान अब आम हो गए हैं। हर बार जब मेट्रो सेवा प्रभावित होती है, पूरा शहर अव्यवस्था में चला जाता है।

उन्होंने आगे कहा कि कैब नहीं मिलतीं, ऑटो सवारी लेने से मना कर देते हैं और नागरिक फंस जाते हैं। कल भारत की सिलिकॉन वैली के पेशेवरों को दफ्तर से घर लौटने के लिए ट्रकों और लॉरियों का सहारा लेना पड़ा।

बेंगलुरु में हर यात्री साल में 117 घंटे जाम में फंसता है

बेंगलुरु में हर दिन 190 किमी लंबा जाम लगता है।

बेंगलुरु में हर दिन 190 किमी लंबा जाम लगता है।

2025 के जारी ट्रैफिक पुलिस के हीटमैप के मुताबिक बेंगलुरु में हर दिन करीब 190 किमी तक लंबा जाम लगता है। 2024 के मुकाबले इस साल लोगों का वन-वे सफर 16% बढ़ गया है, यानी अब 19 किमी का रास्ता तय करने में करीब 63 मिनट लग जाते हैं।

हर यात्री साल में लगभग 117 घंटे सिर्फ ट्रैफिक में फंसा रहता है। जनवरी से जून 2025 के बीच शहर की सड़कों पर 3 लाख से ज्यादा नई प्राइवेट गाड़ियां जुड़ गईं।

सिर्फ जून में ही करीब 50 हजार वाहन रजिस्टर्ड हुए। ट्रांसपोर्ट विभाग के मुताबिक संख्या पूरी नहीं है, क्योंकि बाहर के जिलों और राज्यों की गाड़ियां भी रोज शहर में चलती हैं।

बेंगलुरु के ट्रैफिक में फंसे एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला

एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला ने 21 नवंबर 2025 को बेंगलुरु के खराब ट्रैफिक पर मजाकिया लहजे में टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष में यात्रा करना शहर के खराब ट्रैफिक को पार करने से कहीं ज्यादा आसान है।

शुभांशु कर्नाटक सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और बीटी विभाग के ‘फ्यूचराइज’ थीम पर आयोजित बेंगलुरु टेक समिट में हिस्सा लेने पहुंचे थे।

उन्होंने मराठाहल्ली से बेंगलुरु इंटरनेशनल एग्जीबिशन सेंटर तक लगभग 34 किमी का सफर तय किया। इसे तय करने में आमतौर पर एक घंटे से ज्यादा का वक्त लगता है। उन्हें कितना वक्त लगा, यह पता नहीं चल पाया।

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बेंगलुरु के स्पर्श हॉस्पिटल की मेडिकल टीम और मेट्रो रेल (BMRCL) ने मिलकर एक ऐसा ऑपरेशन किया, जो किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था। शहर की लाइफलाइन कही जाने वाली मेट्रो ने गुरुवार को ट्रांसप्लांट के लिए ले जाए जा रहे इंसानी दिल (हार्ट) और फेफड़े तेजी से ट्रांसपोर्ट किए। पूरी खबर पढ़ें…

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