उत्तर प्रदेश में राजनीतिक हलचल एक बार फिर बढ़ गई है, जब समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव की प्रस्तावित अयोध्या यात्रा पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य ने तीखे बयान दिए। दीपावली के मौके पर दिए गए इस बयान ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है।
ब्रजेश पाठक की टिप्पणी
ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी ने कभी भगवान राम के मंदिर पर चर्चा नहीं की। पाठक ने कहा, “समाजवादी पार्टी के सदस्य भगवान राम लला के मंदिर पर कभी चर्चा नहीं करते थे। सनातन संस्कृति इतनी भव्य और विशाल है कि जो लोग अपने मन और कर्मों में इसके विरोधी हैं, वे भी यह समझते हैं कि अगर उन्हें वोट हासिल करने हैं, तो उन्हें भगवान राम की शरण लेनी होगी।”
उन्होंने आगे कहा कि दीवाली का पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और शुभता लाए, यह कामना करते हुए उन्होंने राज्य की जनता को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
केशव मौर्य का रुख
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी अखिलेश यादव की यात्रा पर प्रतिक्रिया दी। कौशांबी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। उन्होंने कहा, “समाजवादी पार्टी के आधिकारिक मंच से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं आई है, न ही अखिलेश यादव ने खुद इस पर कोई बयान दिया है।”
मौर्य ने यह भी कहा कि जब पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक सूचना आएगी, तब वे अपने सवाल उठाएंगे। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे राम विरोधी तत्वों के परिवार से हैं और राम भक्तों की भावनाओं का सम्मान करना नहीं जानते।
मौर्य ने यह भी कहा कि जब वे ऐसे सवाल उठाते हैं, तो वे स्वयं प्रश्नों के घेरे में होते हैं और खुद से ही सवाल कर रहे होते हैं।
Source: NDTV India
