ए आर रहमान, जो भारत के जाने-माने ऑस्कर विजेता संगीतकार हैं, इन दिनों अपनी फिल्म ‘रामायण’ के गानों को लेकर चर्चा में हैं। विशेषकर ‘मंगल रंग’ गाने को लेकर उन्हें काफी आलोचना का सामना करना पड़ा है। इस गाने में भगवान राम और माता सीता के प्रेम को दर्शाया गया है, लेकिन इसे कव्वाली के अंदाज में प्रस्तुत करने के कारण रहमान को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया।
रहमान की प्रतिक्रिया
ए आर रहमान ने इस आलोचना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे अपने काम के सबसे बड़े आलोचक हैं और उन्हें हर गाना पसंद नहीं आता। उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि किसी भी गाने को तैयार करने का निर्णय एक दिन में नहीं होता। कई बार टीम महीनों तक किसी धुन पर काम करती है।
उन्होंने यह भी कहा कि संगीत की तैयारी में इतिहास और संस्कृति को समझना महत्वपूर्ण होता है। रहमान ने कहा कि कुछ धुनें समय के साथ बेहतर लगती हैं और इसलिए धैर्य रखना जरूरी होता है। उन्होंने स्टीव जॉब्स की बात का जिक्र करते हुए कहा कि अगर आप सभी को खुश करना चाहते हैं, तो आइसक्रीम बेचें।
गाने की विशेषताएँ
रहमान ने बताया कि ‘मंगल रंग’ गाने को भारतीय शास्त्रीय संगीत के विभिन्न रागों से प्रेरणा लेकर तैयार किया गया है। इसमें बिलावल राग के शुद्ध स्वर, मांड़ राग और पहाड़ी राग के सुरों का उपयोग किया गया है। उनकी कोशिश थी कि गाने में भक्ति संगीत की झलक भी हो और उनका अपना म्यूजिक स्टाइल भी बरकरार रहे।
हालांकि गाने को लेकर शुरुआत में आलोचना हुई, लेकिन रिलीज के बाद यह यूट्यूब के ट्रेंडिंग म्यूजिक चार्ट में पहले स्थान पर पहुंच गया।
Source: BBC World News
