केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में नशे के शिकार परिवारों से मुलाकात की, जहां उन्होंने अपनी गहरी चिंता और दुःख व्यक्त किया। शाह ने कहा कि उन्होंने यह मुलाकात इसलिए की ताकि आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार और उसके नेताओं को यह याद दिला सकें कि उन्होंने सत्ता में आने के तीन महीने के भीतर नशे के व्यापार को समाप्त करने का वादा किया था।
शाह ने कहा, “मैंने इस मुद्दे पर गहरा दुःख महसूस किया। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि नशे का व्यापार हमारे समाज में फैलता जा रहा है।” उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि सरकार अपने वादे पर खरा उतरेगी, लेकिन ऐसा होता नहीं दिख रहा है।
आम आदमी पार्टी का वादा और वास्तविकता
AAP सरकार ने जब सत्ता में आने के समय यह वादा किया था कि वे नशे के कारोबार को समाप्त करेंगे, तो यह एक बड़ी उम्मीद के साथ किया गया था। लेकिन समय बीतने के साथ, नशे का कारोबार न केवल जारी है बल्कि बढ़ता भी जा रहा है।
शाह ने इस बात पर जोर दिया कि नशे की समस्या केवल एक कानूनी मुद्दा नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक समस्या भी है, जो परिवारों को प्रभावित कर रही है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
भविष्य की दिशा
गृह मंत्री ने कहा कि इस मुद्दे पर केंद्र सरकार भी ध्यान दे रही है और वे राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने नशे के खिलाफ ठोस रणनीतियों को लागू करने की बात की।
इस मुलाकात के बाद, यह उम्मीद की जा रही है कि AAP सरकार नशे के व्यापार के खिलाफ और भी सख्त कदम उठाएगी। शाह ने कहा कि यदि सरकार अपने वादों पर ध्यान नहीं देती है, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
अमित शाह की इस मुलाकात ने न केवल नशे के मुद्दे पर ध्यान आकर्षित किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि केंद्र सरकार इस समस्या को गंभीरता से ले रही है। आने वाले समय में, सभी की नजरें इस बात पर रहेंगी कि AAP सरकार इस दिशा में क्या कदम उठाती है।
Source: NDTV India
