अमेरिका के 12 सांसदों ने, जिनमें से छह ट्रंप के रिपब्लिकन पार्टी के सदस्य हैं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अपील की है कि वे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ किए गए अपने सौदे को वापस लें। यह सौदा रूस की डीजल उत्पादों को वैश्विक बाजार में लाने की अनुमति देता है, जिसे सांसदों ने यूक्रेन के प्रति विश्वासघात बताया है।
सांसदों का कहना है कि इस प्रकार का सौदा यूक्रेन में जारी संघर्ष के बीच रूस को आर्थिक लाभ पहुंचाने का काम करेगा। उन्होंने राष्ट्रपति से अपेक्षा की है कि वे इस सौदे पर पुनर्विचार करें और अमेरिका की विदेश नीति को यूक्रेन के समर्थन में मजबूती प्रदान करें।
इस मामले में सांसदों की चिंता इस बात को लेकर है कि रूस की डीजल निर्यात करने की अनुमति देने से न केवल यूक्रेन को नुकसान होगा, बल्कि इससे अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय छवि भी प्रभावित हो सकती है। सांसदों ने चेतावनी दी है कि यह कदम रूस को और अधिक मजबूत करेगा और यूक्रेन के खिलाफ उसकी आक्रामकता को बढ़ावा देगा।
ट्रंप का रूस के साथ सौदा
राष्ट्रपति ट्रंप का यह सौदा वैश्विक ऊर्जा बाजार में रूस की स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सांसदों का तर्क है कि यह सौदा यूक्रेन के खिलाफ रूस की कार्रवाई को और अधिक प्रेरित कर सकता है।
इससे पहले, अमेरिकी प्रशासन ने यूक्रेन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए रूस के खिलाफ कई आर्थिक प्रतिबंध लागू किए थे। सांसदों का मानना है कि ट्रंप का यह सौदा उन सभी प्रयासों को कमजोर कर देगा जो अमेरिका ने यूक्रेन को समर्थन देने के लिए किए हैं।
अगले कदम
अब देखना यह होगा कि राष्ट्रपति ट्रंप इस पत्र का क्या उत्तर देते हैं और क्या वे अपने निर्णय पर पुनर्विचार करते हैं। सांसदों ने राष्ट्रपति से आग्रह किया है कि वे यूक्रेन के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझें और रूस के साथ इस तरह के समझौतों से दूर रहें।
यह मामला सिर्फ राजनीतिक ही नहीं, बल्कि वैश्विक सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। यदि ट्रंप इस सौदे को जारी रखते हैं, तो यह न केवल यूक्रेन के लिए, बल्कि अमेरिका के लिए भी गंभीर परिणाम ला सकता है।
Source: NDTV India
