हाल ही में, अमेरिका-भारत स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) ने ग्रीन कार्ड और एच-1बी कार्य वीजा कार्यक्रमों के संरक्षण का समर्थन किया। इस फोरम ने इस बात पर जोर दिया कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से अमेरिका में जन्मे और विदेश से आए प्रतिभाओं का योगदान बेहद महत्वपूर्ण है।
प्रतिभा का योगदान
USISPF द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, छह में से पांच प्राप्तकर्ता ऐसे थे, जो अमेरिका के बाहर जन्मे थे। इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए, फोरम ने यह स्पष्ट किया कि ये प्रतिभाएं अमेरिका की नवाचार और समृद्धि में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
फोरम ने अपने बयान में यह भी कहा कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से अमेरिका में बौद्धिक संपत्ति और कार्यबल का विस्तार हुआ है, जो कि देश की अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी है।
तकनीकी कंपनियों पर कार्रवाई
हाल के दिनों में, अमेरिका में कई तकनीकी कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जिसके चलते ग्रीन कार्ड और एच-1बी वीजा कार्यक्रमों की स्थिरता पर सवाल उठ रहे हैं। अमेरिका सरकार की ओर से उठाए गए कदमों ने इन कार्यक्रमों में संशोधन की आवश्यकता को जन्म दिया है।
USISPF ने इस स्थिति के मद्देनजर यह सुनिश्चित करने की अपील की है कि इन कार्यक्रमों को स्थायी रूप से बनाए रखा जाए। उनके अनुसार, यह अमेरिका के विकास के लिए अनिवार्य है कि वे इन कार्यक्रमों के माध्यम से आने वाली प्रतिभाओं का स्वागत करें।
भविष्य की दिशा
अमेरिका-भारत फोरम ने जोर देकर कहा कि ग्रीन कार्ड और एच-1बी कार्यक्रमों का समर्थन न केवल अमेरिका के लिए, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी महत्वपूर्ण है। भविष्य में, इन कार्यक्रमों के माध्यम से आने वाली प्रतिभाओं की भूमिका को और बढ़ाने के लिए ठोस उपायों की आवश्यकता होगी।
फोरम का मानना है कि यदि इन कार्यक्रमों को बनाए रखा जाता है, तो यह अमेरिका की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाएगा और देश में नवाचार की गति को तेज करेगा।
Source: NDTV India
