अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में समुद्री हमलों की श्रृंखला देखने को मिली है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। शनिवार को अमेरिका ने ईरान से संबंधित दो तेल टैंकरों को “स्थायी रूप से अक्षम” कर दिया और ओमान की खाड़ी में एक तीसरे टैंकर को “पूरी तरह से नष्ट” कर दिया। ईरान की सरकारी मीडिया ने इस हमले की पुष्टि की और बताया कि तेहरान ने जवाबी कार्रवाई में तीन अमेरिकी संबंधी जहाजों और तीन तेल टैंकरों पर हमला किया, जो होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से “अनधिकृत” मार्ग से गुजर रहे थे।
अमेरिका की प्रतिक्रिया और बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस संघर्ष को “छोटी बात” कहकर खारिज कर दिया है और उन्होंने शनिवार के हमलों पर कोई टिप्पणी नहीं की है। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने सोशल मीडिया पर लिखा, “यह सरल है: यदि ईरान अमेरिकी जहाजों पर हमला करता है, तो हम उनके तेल टैंकरों को नष्ट कर देंगे।” अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) ने कहा कि ईरान ने पहले अमेरिकी युद्धपोतों पर हमला किया था, लेकिन अमेरिका ने ईरान से संबंधित तेल टैंकरों पर हमला करने से पहले सफलतापूर्वक हमलों से बचाव किया।
ईरान का जवाबी हमला
ईरानी राज्य मीडिया इरिब ने रिपोर्ट किया कि शनिवार के अमेरिकी हमले में खार्ग द्वीप के पास के टैंकर पर कोई हताहत नहीं हुआ। खार्ग द्वीप ईरान का मुख्य तेल निर्यात टर्मिनल है। इरिब ने बताया कि ईरान के इस्लामी क्रांतिकारी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने क्षेत्र में छह जहाजों पर जवाबी हमला किया – होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन तेल टैंकर और अन्य क्षेत्रों में तीन अमेरिकी संबंधी जहाज।
क्षेत्रीय तनाव और वैश्विक प्रभाव
होर्मुज जलडमरूमध्य, जो विश्व के तेल और गैस उद्योग के लिए महत्वपूर्ण है, के बंद होने से वैश्विक ऊर्जा कीमतों में वृद्धि हुई है। अमेरिका ने जलडमरूमध्य को “खुला” घोषित किया है और जहाजों को दक्षिणी मार्ग से नेविगेट करने में मदद की है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि संघर्ष “ज्यादा लंबा नहीं चलेगा” और उन्होंने ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने की बात कही।
