अल्बानिया की राजधानी तिराना में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों और दंगा पुलिस के बीच लगातार पाँचवें दिन संघर्ष जारी है। शनिवार को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी, जिनमें ज्यादातर हाई स्कूल और विश्वविद्यालय के छात्र शामिल थे, ने शिक्षा मंत्रालय की रक्षा कर रहे दंगा पुलिस पर पत्थर और पेट्रोल बम फेंके। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में पानी की बौछार और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जिससे भीड़ तितर-बितर हो गई।
प्रदर्शन की पृष्ठभूमि
गर्मियों में शुरू हुए ये प्रदर्शन अब एक व्यापक सरकार विरोधी आंदोलन का रूप ले चुके हैं। प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। प्रदर्शनकारियों में कई ने गैस मास्क और फेस मास्क पहन रखे थे, जबकि कुछ स्वयंसेवकों ने आंसू गैस से राहत के लिए सलाइन आईवॉश वितरित किया।
दोपहर के समय, प्रदर्शनकारियों का ध्यान प्रधानमंत्री एदी रामा के कार्यालय की ओर केंद्रित हो गया, जहां भीड़ पहले की तुलना में अधिक बड़ी हो गई। दंगा पुलिस ने पत्थर और आतिशबाजी का सामना किया और आंसू गैस के गोले दागकर जवाब दिया।
प्रधानमंत्री एदी रामा की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री एदी रामा ने विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी और विदेशी तत्वों को इन प्रदर्शनों के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि ये तत्व यूरोपीय संघ में शामिल होने की दिशा में अल्बानिया की प्रगति को रोकना चाहते हैं।
रामा की लोकप्रिय छवि को इन प्रदर्शनों से नुकसान पहुंचा है, खासकर तब जब देश के विशेष अभियोजन सेवा द्वारा चल रही जांचें उनके शासन को खतरे में डाल रही हैं।
भविष्य की राह
अल्बानिया में चल रहे राजनीतिक संकट के बीच, कुछ पत्रकार और कार्यकर्ता एक तटस्थ, कार्यवाहक सरकार की मांग कर रहे हैं, जो एक साल के भीतर नए चुनावों का आयोजन करे।
प्रधानमंत्री रामा की पार्टी संसद में बहुमत में है, इसलिए अगले चुनाव 2029 से पहले नहीं होने वाले हैं।
Source: BBC World News
