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अडानीकनेक्ट-गूगल द्वारा विशाखापट्टनम डेटा केंद्रों में वायु शीतलन तकनीक का उपयोग किया जाएगा

विशाखापट्टनम में अडानीकनेक्ट और गूगल के सहयोग से प्रस्तावित डेटा केंद्रों के विकास की योजना बनाई गई है, जिसमें मूदासर्लोवा और तारलुवाडा के परिसर शामिल हैं। यह परियोजना लगभग 1 गीगावाट की क्षमता के साथ बनाई जाएगी, जो इस क्षेत्र को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लक्ष्य की ओर अग्रसर है।

विशाखापट्टनम में बनाए जाने वाले इन डेटा केंद्रों में वायु शीतलन प्रणाली का उपयोग किया जाएगा, जो न केवल ऊर्जा दक्षता को बढ़ाएगा, बल्कि पानी के उपयोग को भी कम करेगा। यह कदम जलसंसाधनों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण है।

अडानीकनेक्ट और गूगल का यह सहयोग न केवल तकनीकी विकास को बढ़ावा देगा, बल्कि क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी उत्पन्न करेगा। जैसे-जैसे डेटा केंद्रों की मांग बढ़ रही है, यह परियोजना विशाखापट्टनम को डिजिटल सेवाओं के लिए एक प्रमुख गंतव्य बना सकती है।

विशाखापट्टनम में डेटा केंद्रों का विकास कई मायनों में महत्वपूर्ण है। यह न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में मदद करेगा, बल्कि इसे एआई और डेटा विज्ञान के क्षेत्र में भी एक महत्वपूर्ण केंद्र बना देगा। इस परियोजना के माध्यम से, अडानीकनेक्ट और गूगल ने जलवायु परिवर्तन और जल उपयोग की समस्याओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी दर्शाया है।

अब आगे क्या होगा? परियोजना के कार्यान्वयन के साथ, यह देखना दिलचस्प होगा कि किस तरह से यह विशाखापट्टनम की विकास यात्रा को प्रभावित करेगा। इसके अलावा, इस विकास के साथ ही क्षेत्र में तकनीकी नवाचार और अनुसंधान को भी बढ़ावा मिलेगा, जो भविष्य में और अधिक अवसर पैदा करेगा।

Source: NDTV India

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