आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में चक्रवात ‘मुरासु’ ने दस्तक दे दी है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। चक्रवात के कारण कई पेड़ उखड़ गए और भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने अगले 12 घंटों में और भीषण बारिश की संभावना जताई है।
तेज हवाओं का प्रभाव
आंध्र प्रदेश के तट पर हवाएं 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हैं, जो 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। चक्रवात मुरासु ने तड़के सुबह 1 बजे आंध्र प्रदेश के तट पर लैंडफॉल किया, जिसके चलते भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है।
चक्रवात के कारण ओंगोल से 40 किलोमीटर दक्षिण पूर्व, कवाली से 60 किलोमीटर उत्तर पूर्व और बापटला से 70 किलोमीटर दक्षिण में स्थित क्षेत्रों में अधिक प्रभाव देखा जा रहा है।
उड़ानें रद्द और अलर्ट
चक्रवात मुरासु के कारण विजयवाड़ा से जुड़ी 18 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। इससे पहले 10 उड़ानें पहले ही रद्द कर दी गई थीं। यह चक्रवात पिछले सप्ताह के चक्रवात अर्नब की तुलना में कमजोर है, लेकिन फिर भी आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और ओडिशा में असर डालेगा।
मौसम विभाग ने दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश में भारी बारिश और समुद्र में ऊंची लहरों की चेतावनी दी है। लहरें सामान्य से 1-1.5 मीटर ऊंची हो सकती हैं, जिससे तटीय इलाकों में जलभराव हो सकता है।
अन्य प्रभावित क्षेत्र
पुडुचेरी और तमिलनाडु में भी चक्रवात मुरासु का प्रभाव देखने को मिल रहा है। इन क्षेत्रों में रात से ही लगातार बारिश हो रही है। आंध्र प्रदेश के चिराला इलाके में भी तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई है।
मौसम विभाग ने बापटला, कृष्णा और प्रकाशम जिलों में विशेष रूप से अधिक प्रभाव होने की चेतावनी दी है। चक्रवात के कारण कई पेड़ उखड़ गए हैं और जनजीवन प्रभावित हुआ है।
Source: BBC World News
