पंजाब की राजनीति में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई को लेकर फिर से सियासी घमासान छिड़ गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) का आरोप है कि मोगा से विधायक और पंजाब महिला विंग की अध्यक्ष डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा के ठिकानों पर की गई ED की छापेमारी एक राजनीतिक कार्रवाई थी। पार्टी ने दावा किया कि 48 घंटे की लंबी जांच के बावजूद एजेंसी को कोई आपत्तिजनक दस्तावेज या नकदी नहीं मिली।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए गंभीर आरोप
चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और विधायक डॉ. अमनदीप कौर ने भाजपा और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि ED के लंबे तलाशी अभियान के बाद भी कुछ नहीं मिला, जिससे साबित होता है कि AAP के नेता ईमानदारी से काम कर रहे हैं।
चीमा ने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आते ही भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं को डराने का प्रयास करती है। उन्होंने कहा कि ED, CBI, आयकर विभाग और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं का दुरुपयोग कर विपक्ष को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
AAP विधायकों को तोड़ने की कोशिश का आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चीमा ने दावा किया कि भाजपा ने पंजाब में AAP के कई विधायकों को अपने पक्ष में करने की कोशिश की। उनके अनुसार, पार्टी नेताओं को मंत्री पद और राज्यसभा की सदस्यता जैसे महत्वपूर्ण पदों का लालच दिया गया, लेकिन किसी ने भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया।
डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा ने बताया कि ED की टीम ने उनके घर, कार्यालय, अस्पताल और परिवार के कई सदस्यों के घरों में तलाशी ली। इस दौरान लगभग 42 से 48 घंटे की पूछताछ हुई, लेकिन एजेंसी को कोई दस्तावेज या पैसा नहीं मिला।
महिला नेताओं को डराने का आरोप
डॉ. अरोड़ा ने भाजपा पर महिला नेताओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वे अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान के साथ चट्टान की तरह खड़ी रहेंगी और कोई भी एजेंसी या राजनीतिक दबाव उन्हें कमजोर नहीं कर सकता। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी पंजाब में शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण से जुड़े अपने एजेंडे पर काम जारी रखेगी।
Source: NDTV India
