नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने हाल ही में भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई जब शाह इसी महीने के अंत में भारत यात्रा पर जाने वाले हैं। इस बैठक ने दोनों देशों के बीच संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत की है।
पहले मुलाकात से किया था इनकार
इस साल की शुरुआत में, नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने प्रोटोकॉल से जुड़ी राजनीति के कारण भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री से मिलने से इनकार कर दिया था। लेकिन अब, कुछ महीनों बाद, उन्होंने अपने रुख में बदलाव करते हुए विक्रम मिस्री से मुलाकात की।
काठमांडू में हुई इस बैठक के दौरान, दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की गई। प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद बालेन शाह का यह पहला द्विपक्षीय विदेश दौरा होगा, और इस यात्रा का उद्देश्य भारत-नेपाल संबंधों को नई दिशा देना है।
बैठक के पीछे के कारण
नेपाल और भारत के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को देखते हुए इस बैठक को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक दोनों देशों के बीच आपसी समझ और सहयोग को बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है।
गुरुवार को हुई इस बैठक में नेपाल के प्रधानमंत्री ने अपने पहले के स्टैंड को बदलते हुए भारत के विदेश सचिव के साथ विचार-विमर्श किया। इस बदलाव के पीछे की वजहों को लेकर कई अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन यह स्पष्ट है कि दोनों देशों के बीच संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास किया जा रहा है।
आगामी भारत यात्रा
इस महीने के अंत में होने वाली भारत यात्रा के दौरान, बालेन शाह विभिन्न द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे। यह यात्रा उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी, जिसमें वे भारत के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने की कोशिश करेंगे।
यह मुलाकात और आगामी यात्रा दोनों देशों के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने का अवसर प्रदान करेंगी।
Source: BBC World News
