बिहार में एक नया 6 लेन का पुल तैयार हो गया है, जो पटना और वैशाली को जोड़ता है। यह पुल लगभग 10 किलोमीटर लंबा है और इसके खुलने के बाद पटना से वैशाली की यात्रा का समय मात्र 20 से 25 मिनट रह जाएगा।
पुल का उद्घाटन और कनेक्टिविटी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 नवंबर को इस पुल का उद्घाटन करेंगे। यह पुल राष्ट्रीय राजमार्ग-30 को राष्ट्रीय राजमार्ग-103 से जोड़ता है, जिससे वैशाली, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर और दरभंगा सहित उत्तर बिहार के जिलों को राजधानी पटना और दक्षिण बिहार तक बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
इस पुल के माध्यम से महात्मा गांधी सेतु पर वाहनों का दबाव कम होगा, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या भी हल होगी।
राघोपुर दियारा की कनेक्टिविटी
राघोपुर दियारा, जो गंगा और गंडक नदियों से घिरा है, अब साल भर के लिए पटना से सीधा जुड़ जाएगा। यहां के लोगों को अब नावों या अस्थायी पुलों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
पुल के निर्माण से उत्तर बिहार के फल, सब्जी और कृषि उत्पादों को दक्षिण बिहार, झारखंड और बंगाल के बाजारों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
पुल की विशेषताएँ और आर्थिक पहलू
यह पुल भारत के सबसे लंबे केबल पुलों में से एक है, जिसकी कुल लंबाई 19.76 किलोमीटर है। इसे बनाने में 5700 करोड़ रुपये की लागत आई है, जिसमें एशियन डेवलपमेंट बैंक से 3000 करोड़ का कर्ज शामिल है।
पुल पर वाहनों के लिए टोल टैक्स लगाया जाएगा। हल्के वाहनों के लिए बेस टोल दर 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर है, जबकि भारी वाहनों के लिए यह दरें 4.25 से 6.65 रुपये प्रति किलोमीटर तक हो सकती हैं।
इस पुल के दोनों छोर पर फास्टैग टोल प्लाजा होगा और राघोपुर और बिदुपुर जैसे इलाकों के लिए मासिक पास की व्यवस्था भी होगी।
Source: NDTV India
