धनतेरस का पर्व हर वर्ष धन, सुख और समृद्धि की कामना के साथ मनाया जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी के साथ भगवान कुबेर की पूजा भी की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कुबेर देव को धन का रक्षक और देवताओं का कोषाध्यक्ष माना जाता है। इसलिए, धनतेरस के अवसर पर कई लोग अपने घरों और दुकानों में कुबेर यंत्र स्थापित करते हैं।
कुबेर यंत्र का महत्व
आचार्य मदन मोहन के अनुसार, कुबेर यंत्र एक विशेष ज्यामितीय आकृति वाला यंत्र होता है। इसे घर या दुकान की तिजोरी में रखने से धन की रक्षा होती है और नकारात्मक प्रभावों से बचाव होता है। इस यंत्र की पूजा से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और व्यक्ति को आर्थिक मामलों में सकारात्मक सोच रखने की प्रेरणा मिलती है।
कुबेर यंत्र की स्थापना और पूजा
आचार्य मदन मोहन बताते हैं कि कुबेर यंत्र को बुधवार या किसी शुभ मुहूर्त में स्थापित करना शुभ माना जाता है। वास्तु के अनुसार, इसे उत्तर दिशा में स्थापित करना चाहिए और यंत्र का मुख दक्षिण दिशा की ओर होना चाहिए। पूजा के समय व्यक्ति का मुख उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए।
यंत्र की स्थापना के साथ-साथ हरे रंग के वस्त्र और कुछ धन अर्पित करने की परंपरा भी है। पूजा के दौरान ‘ॐ श्री कुबेराय नमः’ मंत्र का जाप किया जा सकता है।
कुबेर यंत्र को सक्रिय कैसे करें
कुबेर यंत्र की नियमित साफ-सफाई और पूजा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इस पर धूल-मिट्टी जमा नहीं होने दें और रोजाना इसे साफ करके धूप दिखाएं। श्रद्धा के साथ मंत्र का जाप करें। यंत्र को तिजोरी या उस स्थान पर रखा जा सकता है, जहां घर का धन और कीमती सामान रखा जाता है।
धनतेरस के दिन यंत्र स्थापित करने से पहले पूजा की जगह को साफ करें और विधि-विधान से पूजा करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नियमित पूजा और मंत्र जाप से कुबेर देव की कृपा प्राप्त होती है।
Source: NDTV India
