सोशल मीडिया पर एक वीडियो ने नई बहस छेड़ दी है, जिसमें 2006 से बंद एक घी का डिब्बा 2026 में खोला गया। वीडियो को राजू शाह नामक व्यक्ति ने साझा किया, जिसमें दावा किया गया कि उनके दादाजी द्वारा रखा गया घी अब भी सुरक्षित है। इस वीडियो के प्रसारित होते ही इंटरनेट पर लोग दो पक्षों में बंट गए हैं।
आयुर्वेद और विज्ञान का दृष्टिकोण
आयुर्वेद के अनुसार, पुराना घी ‘पुराण घृत’ के रूप में जाना जाता है और इसे औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है। वहीं वैज्ञानिक दृष्टिकोण से, शुद्ध घी में नमी और प्रोटीन की अनुपस्थिति के कारण यह लंबे समय तक सुरक्षित रह सकता है। घी को एयरटाइट डिब्बे में ठंडी और अंधेरी जगह पर रखने से यह 20 साल से अधिक समय तक खराब नहीं होता।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
इस वीडियो पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ लोग इसे आयुर्वेद का चमत्कार मान रहे हैं जबकि अन्य इसे तुर्की का ‘तुलुम चीज’ बता रहे हैं। एक यूजर ने दावा किया कि मिस्र की कब्रों से भी शुद्ध घी और शहद के हजारों वर्षों तक सुरक्षित रहने के प्रमाण मिले हैं।
वहीं, कुछ यूजर्स ने इसे तुर्की का पारंपरिक चीज बताते हुए, वीडियो की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि वीडियो में दिख रहा पदार्थ घी नहीं बल्कि मिल्क सॉलिड्स के कारण चीज है।
घी का विज्ञान
घी बनाने की प्रक्रिया में मक्खन को उबालकर उसकी नमी को पूरी तरह से हटा दिया जाता है। इसके परिणामस्वरूप बैक्टीरिया के पनपने की संभावना समाप्त हो जाती है। इसके अलावा, इसमें से प्रोटीन और लैक्टोज को भी अलग कर दिया जाता है, जिससे सड़ने का खतरा नहीं रहता।
हालांकि, समय के साथ घी का रंग और गंध बदल सकती है, लेकिन यह खराब नहीं होता। आयुर्वेद में इसे दवा के रूप में उपयोग किया जाता है, खासकर मिर्गी और मानसिक रोगों के उपचार में।
Source: NDTV India
