झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के हालिया बयान ने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है। इरफान अंसारी का दावा है कि राहुल गांधी के एक इशारे पर 40 लाख युवा सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं। इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा विरोध जताया है।
इरफान अंसारी का बयान
इरफान अंसारी ने दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि किसानों, मध्यम वर्ग, दलितों, आदिवासियों और मुस्लिम समुदायों में असंतोष है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के एक आदेश पर 40 लाख युवा सड़कों पर उतर सकते हैं। अंसारी ने यह भी कहा कि यदि प्रधानमंत्री ने देश के हालात को नहीं संभाला, तो स्थिति बांग्लादेश और नेपाल से भी खराब हो सकती है।
अंसारी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और एसआईआर की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने अब तक युवाओं को शांत रखा है, लेकिन अगर स्थिति नहीं सुधरी तो देश में इमरजेंसी जैसी स्थिति हो सकती है।
बीजेपी की प्रतिक्रिया
बीजेपी ने इरफान अंसारी के इस बयान को लेकर कड़ा विरोध जताया है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि यह बयान कांग्रेस की अराजकता फैलाने की साजिश का हिस्सा है। भंडारी ने कहा कि यह कोई लोकतांत्रिक विरोध नहीं है, बल्कि देश में अराजकता फैलाने का खुला आह्वान है।
सीआर केसवन, बीजेपी के एक अन्य नेता ने भी इस बयान की आलोचना करते हुए कहा कि राहुल गांधी की कांग्रेस और उनका इकोसिस्टम अराजकतावादियों का अड्डा बन गया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वे इस बयान का समर्थन करते हैं।
विवाद की प्रतिक्रिया
इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। कांग्रेस, जो झारखंड सरकार में सहयोगी है, इस मुद्दे पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। जबकि बीजेपी इसे लेकर लगातार कांग्रेस पर निशाना साध रही है।
यह देखना दिलचस्प होगा कि इस विवाद पर आगे क्या रुख अपनाया जाता है और कांग्रेस इस पर किस तरह की प्रतिक्रिया देती है।
Source: NDTV India
