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पाकिस्तान द्वारा पीओके में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हमले

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में पाकिस्तान की सेना द्वारा शांति से प्रदर्शन कर रहे नागरिकों पर बर्बरता करने की खबरें सामने आई हैं। यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (यूकेपीएनपी) ने दावा किया है कि गुरुवार को पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने पीओके के रावलकोट में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर मशीनगनों से गोलीबारी की और ड्रोन हमले भी किए।

नागरिकों पर हमला

इस हमले में कथित रूप से कम से कम सात लोगों की जान चली गई और 18 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यूकेपीएनपी ने बताया कि पाकिस्तानी बलों ने रावलकोट के मटियालमेरा बस टर्मिनल, उमर फारूक चौक और अन्य स्थानों पर प्रदर्शन कर रहे लोगों को निशाना बनाया। बताया जा रहा है कि इस दौरान भारी मशीनगनों, बख्तरबंद वाहनों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।

यूकेपीएनपी ने मृतकों में से तीन की पहचान आतिफ जरदीस, एहतशाम यूनुस और आदिल राशिद के रूप में की है। संगठन ने इस क्षेत्र में हुए कथित ड्रोन हमले में चार बच्चों के मारे जाने की खबरों पर भी चिंता जताई है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील

यूकेपीएनपी ने संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे रावलकोट और पीओके के अन्य प्रभावित इलाकों में बिगड़ती स्थिति पर तुरंत ध्यान दें। समूह ने जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय राजनयिक प्रयासों में हिंसा को रोकने, नागरिकों की सुरक्षा करने और मानवाधिकारों का सम्मान सुनिश्चित करने को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्र जांचकर्ताओं को इन हत्याओं, घायलों, कथित ड्रोन हमलों, घरों के विनाश और मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन के अन्य आरोपों की जांच करनी चाहिए। यूकेपीएनपी ने कश्मीरी लोगों की शांतिपूर्ण मांगों का जवाब हिंसा या दमन से नहीं देने की अपील की है।

मानवाधिकारों का उल्लंघन

मानवाधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र के छह विशेष दूतों ने भी पीओके में ‘जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी’ को पाकिस्तान द्वारा ‘आतंकवादी संगठन’ घोषित किए जाने पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ राज्य प्रायोजित हिंसा और मानवाधिकारों के अन्य उल्लंघनों का हवाला दिया है।

संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने पाकिस्तानी सरकार को लिखे पत्र में इस बात पर सवाल उठाया है कि क्या यह नामांकन अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग और संचार पर पाबंदियों पर भी चिंता जताई है।

Source: NDTV India

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