भारतीय शेयर बाजार में इन दिनों दिवाली का जश्न मनाया जा रहा है। विदेशी निवेशकों का विश्वास फिर से लौट आया है और उन्होंने भारतीय शेयर बाजार में भारी निवेश करना शुरू कर दिया है। बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने अक्टूबर 2025 के बाद सबसे अधिक निवेश किया।
विदेशी निवेशकों की बड़ी खरीदारी
पिछले चार दिनों में एफआईआई ने बड़े पैमाने पर खरीदारी की है। बुधवार को एफआईआई ने 21,607.38 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और 14,323.35 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जिससे उनकी शुद्ध खरीदारी 7,284.03 करोड़ रुपये रही। मंगलवार को भी एफआईआई ने 6,836.81 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की थी।
इसी महीने के पहले सप्ताह में ही एफआईआई ने 17,000 करोड़ रुपये से अधिक की खरीदारी कर ली है। इससे पहले सितंबर और अक्टूबर में एफआईआई ने 90,000 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर बेच डाले थे।
विदेशी निवेशकों की वापसी के कारण
विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में वापसी के कई कारण हैं। पहले, वे ताइवान और कोरिया जैसे अन्य बाजारों में निवेश कर रहे थे, लेकिन अब वहां से भारी बिकवाली के बाद भारतीय बाजार का रुख कर रहे हैं।
दूसरा कारण है भारतीय कंपनियों के मजबूत फाइनेंशियल रिजल्ट्स, जिन्होंने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है। तीसरा कारण अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में कमी है, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को स्थिरता मिली है।
शेयर बाजार में मजबूती
शेयर बाजार में तेजी का रुख जारी है। बुधवार को सेंसेक्स 383.55 पॉइंट की बढ़त के साथ 77,301.40 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 149.75 पॉइंट की बढ़त के साथ 23,960.60 पर बंद हुआ।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भी बाजार में तेजी का एक प्रमुख कारण है। बुधवार को बेंट क्रूड का भाव 0.73% गिरकर 102.8 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। पिछले पांच कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स 4,055.37 पॉइंट यानी 5.53% बढ़ा है, जबकि निफ्टी में 1,261.75 पॉइंट यानी 5.55% की बढ़त दर्ज की गई है।
Source: NDTV India
