सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में खुलेआम पटाखों की बिक्री पर गहरी चिंता व्यक्त की है। कोर्ट ने सरकार से इस मुद्दे पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता जताई है।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में दिल्ली-NCR में पटाखों की बिक्री और फोड़ने को लेकर आदेश जारी किया था। कोर्ट ने कहा था कि दिवाली के दौरान केवल 7 और 8 नवंबर को ग्रीन पटाखे जलाए जा सकते हैं। इसके अलावा, पटाखे जलाने का समय भी निर्धारित किया गया था।
लेकिन कोर्ट के आदेश के बावजूद बाजार में हर तरह के पटाखे उपलब्ध हैं, चाहे वे लाइसेंस वाले हों या बिना लाइसेंस वाले। जस्टिस एम.एम. सुंदरेश ने इस पर चिंता जताते हुए कहा कि यह स्थिति सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन है।
सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग
कोर्ट ने सरकार को इस स्थिति पर त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बाजार में केवल ग्रीन पटाखे ही उपलब्ध हों।
कोर्ट ने कहा कि प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए पटाखों की बिक्री और उपयोग को नियंत्रित करना आवश्यक है। इसके लिए सरकार को कड़े कदम उठाने की जरूरत है।
प्रदूषण पर नियंत्रण
दिल्ली में प्रदूषण के बढ़ते स्तर के कारण सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों पर प्रतिबंध का आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि पटाखों के कारण प्रदूषण का स्तर और बढ़ जाता है, जो कि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
इसलिए, कोर्ट ने सरकार से अपील की है कि वह पटाखों की बिक्री पर सख्ती से नजर रखे और सुनिश्चित करे कि केवल ग्रीन पटाखे ही बेचे जाएं।
Source: NDTV India
