पूर्वी भारत में चक्रवात ‘मुरासु’ के आने से पहले सुरक्षा की दृष्टि से अलर्ट को बढ़ा दिया गया है। यह चक्रवात तट पर दस्तक देने से पहले ही कई राज्यों में हलचल पैदा कर रहा है।
संबंधित अधिकारियों ने लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम आरंभ कर दिया है। राहत और बचाव एजेंसियां इस आपात स्थिति के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। चक्रवात के प्रभावी होने की संभावना को देखते हुए, राज्यों ने विभिन्न उपाय किए हैं ताकि जनजीवन को सुरक्षित रखा जा सके।
चक्रवात ‘मुरासु’ की वजह से ट्रेनों और उड़ानों के कई कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। यह कदम यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। रेलवे और एयरलाइंस ने अपने यात्रियों को सलाह दी है कि वे यात्रा से पहले स्थिति की जानकारी प्राप्त करें।
इसके अलावा, स्कूलों और कॉलेजों को भी बंद करने का निर्णय लिया गया है ताकि छात्रों को खतरे में नहीं डाला जा सके। शिक्षा विभाग ने सभी संस्थानों को सुरक्षित रहने के निर्देश दिए हैं और छात्रों से घर पर रहने की अपील की है।
आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु में उच्च सतर्कता घोषित की गई है। ये राज्य चक्रवात ‘मुरासु’ के संभावित खतरे का सामना कर रहे हैं। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने की अपील की है। राहत और बचाव कार्यों को तेज किया जा रहा है ताकि प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित मदद पहुंचाई जा सके।
Source: NDTV India
