महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप के प्रमोटर और मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने ओमान से भारत लाने के लिए प्रत्यर्पित किया है। यह कार्रवाई रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर की गई थी, जो कि इंटरपोल द्वारा जारी किया गया था।
चंद्राकर की गिरफ्तारी से संबंधित यह मामला काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि महादेव ऐप पर ऑनलाइन जुआ और धन laundering के आरोप लगे हैं। सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) दोनों ही इस मामले की जांच कर रहे हैं।
सीबीआई ने बताया कि चंद्राकर को रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ उसकी भूमिका और ऐप के संचालन के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी जाएगी।
महादेव ऐप का संचालन और आरोप
महादेव ऐप को ऑनलाइन जुए के लिए एक प्रमुख प्लेटफार्म माना जाता है, जहाँ लाखों उपयोगकर्ता सक्रिय हैं। इस ऐप के माध्यम से बड़े पैमाने पर धन का लेन-देन होता है, जिससे अधिकारियों का ध्यान इस पर गया।
चंद्राकर के खिलाफ आरोप हैं कि उसने इस ऐप के माध्यम से अवैध गतिविधियों को बढ़ावा दिया और इसके जरिए भारी मात्रा में धन की हेराफेरी की। जांच एजेंसियों का मानना है कि चंद्राकर के पास इस नेटवर्क को चलाने के लिए काफी साधन और संसाधन थे।
आगे की कार्यवाही
सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद, सीबीआई और ईडी दोनों ने उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की योजना बनाई है। अदालत में पेशी के बाद, यह देखा जाएगा कि क्या उसके खिलाफ और भी गंभीर आरोप लगते हैं या नहीं।
इस मामले की जांच के दौरान, कई अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आ सकते हैं, जो इस जुए के नेटवर्क में शामिल हो सकते हैं। चंद्राकर की भूमिका और अन्य संदिग्धों की पहचान के लिए आगे की पूछताछ आवश्यक होगी।
अधिकारी इस बात की भी पुष्टि कर रहे हैं कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और सभी आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
Source: NDTV India
