चक्रवात अर्नब का असर अब पूर्वी तट पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए अपडेट के अनुसार, यह चक्रवात आंध्र प्रदेश और यानम के तटों पर बपतला और विशाखापत्तनम के बीच से गुजरेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि चक्रवात का तट पर टकराना सुबह 2 बजे से 4 बजे के बीच हो सकता है। यह समय इस क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसकी वजह से भारी बारिश और तेज हवाएँ चलने की संभावना है।
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और आवश्यक सुरक्षा उपायों को अपनाने की अपील की है। चक्रवात के चलते पहले से ही कई क्षेत्रों में भारी वर्षा हो चुकी है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है।
चक्रवात अर्नब के प्रभाव
चक्रवात अर्नब का प्रभाव आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में महसूस किया जा रहा है। बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है और प्रशासन ने पहले से ही तैयारी कर ली है।
स्थानीय प्रशासन ने राहत कार्य शुरू कर दिए हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टियाँ घोषित की गई हैं ताकि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि चक्रवात के चलते समुद्र में ऊँची लहरें उठने की संभावना है, जिसके कारण मछुआरों को समुद्र में जाने से मना किया गया है।
क्या करें और क्या न करें
इस चक्रवात के दौरान प्रशासन ने लोगों को कुछ आवश्यक सलाह दी है। लोग घर से बाहर न निकलें और जरूरी सामानों का भंडारण करें।
इसके अलावा, बिजली और अन्य आवश्यक सेवाओं में बाधा आने की संभावना को देखते हुए, लोग अपने उपकरणों को चार्ज कर लें। आपातकालीन नंबरों को अपने पास रखें और किसी भी स्थिति में शांत रहें।
चक्रवात अर्नब के प्रभाव को देखते हुए, सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग की सलाह का पालन करें और सुरक्षित रहें।
Source: NDTV India
