केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में एक कार्यक्रम में अपने भाषण के दौरान नक्सलवाद के मुद्दे पर चर्चा की और पंजाब में बढ़ते नशे के खतरे को खत्म करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि देश की परंपरा में रावण के पुतले का दहन अच्छाई की बुराई पर विजय का प्रतीक है। यह संदेश विजयादशमी के अवसर पर विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जब लोग अपने अंदर के अहंकार, गर्व, लालच और अन्य बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प लेते हैं।
अमित शाह ने इस अवसर पर विजयादशमी के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह दिन हमें अपने अंदर की बुराइयों से लड़ने और उन्हें समाप्त करने का मौका देता है। उनके अनुसार, नक्सलवाद को समाप्त करना एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन अब पंजाब में नशे की समस्या का समाधान करना भी आवश्यक है।
पंजाब, जो लंबे समय से नशे की समस्या से जूझ रहा है, हाल के वर्षों में इस मुद्दे को लेकर गंभीर चिंताओं का सामना कर रहा है। गृह मंत्री ने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने राज्य सरकारों से मांग की कि वे इस मुद्दे को प्राथमिकता दें और युवाओं को नशे के जाल से बचाने के लिए प्रभावी उपाय करें।
अमित शाह ने इस बात पर भी जोर दिया कि नशे की लत केवल व्यक्तिगत संकट नहीं है, बल्कि यह समाज और राष्ट्र के लिए भी खतरा है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में सभी को एकजुट होकर काम करना होगा। इसके लिए उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे इस लड़ाई में भाग लें और समाज में सकारात्मक बदलाव लाएं।
गृह मंत्री ने यह भी कहा कि विजयादशमी का पर्व हमें प्रेरित करता है कि हम अपने-अपने स्तर पर अच्छाई को बढ़ावा दें और बुराई का सामना करें। उन्होंने अंत में सभी से यह आग्रह किया कि वे अपने भीतर की बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प लें और समाज में एक सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में कदम बढ़ाएं।
Source: NDTV India
