रोम के जेमेली अस्पताल में पोप लियो XIV को उनके फेफड़े में पाई गई गांठ को हटाने के लिए भर्ती कराया गया है। वेटिकन के अनुसार, यह गांठ नियमित जांच के दौरान पाई गई थी। मंगलवार दोपहर को होने वाली इस सर्जरी के लिए पोप अस्पताल पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में लोग उनका इंतजार कर रहे थे। उनके गुजरने पर लोग उन्हें देखकर खुशी से उनका अभिवादन कर रहे थे।
पोप का स्वास्थ्य और समर्थन
पोप लियो XIV ने खुद रविवार को सेंट पीटर स्क्वायर में एंजेलस आशीर्वाद के बाद इस ऑपरेशन की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि उनके फेफड़े की गांठ बहुत ही शुरुआती अवस्था में पाई गई थी और डॉक्टरों ने इसे हटाने की सलाह दी थी। वेटिकन ने बताया कि जेमेली अस्पताल के थोरासिक सर्जरी टीम द्वारा यह ऑपरेशन किया जाएगा और मंगलवार शाम को उनके स्वास्थ्य की जानकारी दी जाएगी।
पोप की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर वेटिकन ने स्पष्ट किया है कि उन्हें किसी भी प्रकार का संक्रमण या बीमारी नहीं है। टोक्यो के कार्डिनल किकुची तार्सीसियो इसाओ ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्होंने पोप से मुलाकात की थी और उनके अनुसार पोप को शारीरिक रूप से कोई समस्या नहीं है।
भविष्य की योजनाएं और चिंताएं
पोप ने यह ऑपरेशन जल्द से जल्द कराने का निर्णय लिया है क्योंकि उन्हें नवंबर की शुरुआत में लैटिन अमेरिका की यात्रा पर जाना है। इस यात्रा में पेरू का दौरा शामिल है, जहां पोप पहले मिशनरी और फिर बिशप के रूप में सेवा कर चुके हैं।
इस खबर से कैथोलिक समुदाय में चिंता फैल गई है। वेटिकन के सचिव कार्डिनल परोलिन ने बताया कि यह खबर “आकाश से गिरी बिजली” की तरह थी, लेकिन पोप की शांति और आत्मविश्वास ने सभी को उनके स्वस्थ होने की उम्मीद दी है।
जेमेली अस्पताल के बाहर कुछ कैथोलिक लोग पोप के समर्थन में मौजूद थे। कार्ला ने बताया, “वह शांत दिखाई दे रहे हैं, इसलिए हम भी शांत हैं, हालांकि बीमारी हमेशा अप्रिय होती है।” एल्सा, जो सेंट पीटर स्क्वायर में पोप की घोषणा सुनने के लिए उपस्थित थीं, ने कहा, “मैंने सोचा था कि वह युवा और स्वस्थ हैं, लेकिन यह पता चला कि वह भी संवेदनशील हैं।”
Source: BBC World News
