इन्फोसिस ने हाल ही में अमेरिका में ट्रंप प्रशासन द्वारा लागू किए गए ग्रीन कार्ड नियमों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। कंपनी के अनुसार, इन नए नियमों का उन पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ेगा।
PERM आवेदन में गिरावट
अमेरिकी वित्तीय वर्ष 2026 में, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने केवल दो PERM आवेदन दायर किए। यह संख्या पिछले वर्ष 2025 में 513 थी और उससे पहले 2024 में 1,804। इस तरह, TCS के लिए यह एक उल्लेखनीय गिरावट है।
दूसरी ओर, एचसीएल टेक्नोलॉजीज ने 2026 में 59 फाइलिंग की, जबकि 2025 में यह संख्या 323 थी। यह आंकड़े इस बात की ओर इशारा करते हैं कि कई भारतीय आईटी कंपनियों ने अमेरिका में ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन में कमी लाई है।
आवेदन प्रक्रिया का महत्व
PERM आवेदन प्रक्रिया, जो कि विदेशी श्रमिकों को अमेरिका में स्थायी निवास प्राप्त करने में मदद करती है, भारतीय कंपनियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस प्रक्रिया में रोजगार की वैधता और आवेदक की योग्यताओं का मूल्यांकन किया जाता है।
इस प्रक्रिया में गिरावट का मुख्य कारण अमेरिकी सरकार द्वारा ग्रीन कार्ड प्राप्त करने के लिए निर्धारित नए नियम हो सकते हैं। इन नियमों के तहत, विदेशी श्रमिकों के लिए आवेदन प्रक्रिया को और अधिक कठिन बनाया गया है।
भविष्य की संभावनाएँ
इन्फोसिस और अन्य भारतीय आईटी कंपनियों के लिए, यह स्थिति चिंताजनक हो सकती है। हालांकि, इन्फोसिस के अधिकारियों ने कहा है कि वे भविष्य में इन नियमों के प्रभावों का आकलन करते रहेंगे।
कंपनी ने यह भी बताया कि वे अपने कर्मचारियों के लिए अन्य विकल्पों की तलाश कर रहे हैं, जिससे ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया को सुगम बनाया जा सके। यह उनके कर्मचारियों को अमेरिका में काम करने की अनुमति देने में मदद करेगा।
Source: NDTV India
