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चुनाव आयोग प्रमुख के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में भारतीय विपक्षी सांसद हिरासत में

दिल्ली में विपक्षी नेताओं को उस वक्त हिरासत में लिया गया जब वे चुनाव आयोग के प्रमुख के इस्तीफे की मांग को लेकर मार्च कर रहे थे। मुख्य विपक्षी नेता राहुल गांधी, उनकी बहन प्रियंका गांधी और अन्य सांसदों को पुलिस बस में बैठा दिया गया। थोड़ी देर बाद उन्हें रिहा कर दिया गया और उन्होंने चुनाव आयोग मुख्यालय के पास धरना शुरू कर दिया। यह घटना मतदाता सूची संशोधन को लेकर बढ़ते विवाद की ताजा कड़ी है।

विपक्ष का आरोप और पुलिस की कार्रवाई

विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाया है कि वह एक ऐसी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं जिससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को फायदा हो सकता है। हालांकि, बीजेपी और चुनाव आयोग दोनों ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त मनजीत श्योराण ने बीबीसी को बताया कि कुछ सांसदों ने चुनाव आयोग भवन की ओर जाने के लिए अन्य मार्गों का प्रयास किया। पुलिस ने कई जगहों पर अधिकारी तैनात किए थे, जहां से प्रदर्शनकारियों को बसों में बैठाकर विभिन्न पुलिस थानों में ले जाया गया।

मतदाता सूची संशोधन पर विवाद

इस विवाद के केंद्र में चुनाव आयोग का विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) है, जो जून 2025 में बिहार से शुरू हुआ था और धीरे-धीरे अन्य राज्यों में विस्तारित हुआ। आयोग का दावा है कि यह प्रक्रिया दोहराव और अवैध मतदाताओं को सूची से हटाने के लिए है। अब तक 130 मिलियन से अधिक नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाए जा चुके हैं। विपक्षी दल और कार्यकर्ता आरोप लगा रहे हैं कि कई योग्य मतदाताओं को गलत तरीके से बाहर कर दिया गया है और आयोग ने प्रक्रिया को अनुचित तरीके से अंजाम दिया है।

सुप्रीम कोर्ट में याचिका और राजनीतिक प्रतिक्रिया

इस मामले ने सुप्रीम कोर्ट का भी ध्यान खींचा है, जिसने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से एक याचिका पर जवाब मांगा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कुमार ने बिना अन्य दो चुनाव आयुक्तों की मंजूरी के महत्वपूर्ण निर्णय लिए। कोर्ट ने संकेत दिया है कि चुनाव आयोग के निर्णय या तो सर्वसम्मति से या बहुमत से लिए जाने चाहिए और अगर यह प्रक्रिया नहीं अपनाई गई तो निर्णय को रद्द किया जा सकता है। हालांकि, कोर्ट ने फिलहाल कुमार को निलंबित करने से इनकार कर दिया है और पहले आयोग का जवाब सुनने का निर्णय लिया है।

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