टेक्सास में करीब 500 फांसी देख चुके रिपोर्टर माइकल ग्रैज़िक ने हाल ही में टेनेसी में हुई एक असफल फांसी के बारे में बात की। इस घटना में कैदी क्रिस्टा पाइक ने दो बार घातक दवा पेंटोबार्बिटल लेने के बाद भी सांस लेना जारी रखा। ग्रैज़िक, जो अब 76 साल के हैं, इस घटना से पूरी तरह से आश्चर्यचकित नहीं थे। उन्होंने यह संभावना अपने लंबे करियर के दौरान पहले ही सोची थी।
टेनेसी की फांसी प्रक्रिया
टेनेसी की फांसी प्रक्रिया के अनुसार, यदि पहली बार में दवा का असर नहीं होता है तो एक और सेट तैयार रखा जाता है। लेकिन इस बार दूसरी खुराक के बाद भी पाइक जीवित रही। इस असफलता के बाद गवर्नर बिल ली ने सभी फांसी पर रोक लगाते हुए एक स्वतंत्र समीक्षा का आदेश दिया।
दवा की कमी और विकल्प
अमेरिका में फांसी के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाओं की कमी के कारण कुछ राज्यों ने फॉर्मूला बदल दिया है या कम विश्वसनीय स्रोतों से दवाएं प्राप्त की हैं। कुछ जगहों पर तो फायरिंग स्क्वाड को भी विकल्प के रूप में वापस लाया गया है।
ग्रैज़िक का अनुभव
ग्रैज़िक का कहना है कि टेक्सास में कभी भी दवा दिए जाने के बाद फांसी असफल नहीं हुई है। टेक्सास ने 1982 में घातक इंजेक्शन का उपयोग शुरू किया था और तब से अब तक 602 फांसी दी गई हैं।
ग्रैज़िक मानते हैं कि ऐसी घटनाओं का साक्षी होना उनके काम का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने 1998 में टेक्सास में जोनाथन नोबल्स की फांसी को भी याद किया, जिसने अपनी अंतिम सांस लेते समय ‘साइलेंट नाइट’ गाया था।
