पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक, स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) की मौद्रिक नीति समिति ने सोमवार को अपनी प्रमुख नीति दर को 11.5 प्रतिशत पर स्थिर रखने का निर्णय लिया। यह निर्णय तब लिया गया जब मध्य पूर्व में लंबे समय से जारी तनाव के कारण वैश्विक तेल की कीमतों में वृद्धि हो रही है और मुद्रास्फीति को बढ़ावा मिल रहा है।
ब्याज दर में स्थिरता का कारण
बैंकरों ने पहले से ही उम्मीद की थी कि ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन कुछ विश्लेषकों ने उम्मीद जताई थी कि केंद्रीय बैंक अपनी नीति दर को 50 अंकों तक बढ़ा सकता है। एसबीपी ने अपनी नीति दर को पहले 27 अप्रैल को 100 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ाकर 11.5 प्रतिशत कर दिया था, जिसका कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों में वृद्धि और आपूर्ति श्रृंखला के जोखिम थे।
मुद्रास्फीति के खिलाफ संघर्ष
सेंट्रल बैंक ने मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए कुछ अन्य कदम उठाए हैं, लेकिन वैश्विक तेल की कीमतों को नियंत्रित करना सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को आम जनता की कठिनाइयों को कम करने के लिए कुछ अन्य उपाय करने चाहिए।
वित्तीय बाजार की प्रतिक्रिया
इस निर्णय के बाद वित्तीय बाजारों में स्थिरता देखी गई है, और निवेशकों ने इसे सकारात्मक संकेत के रूप में देखा है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में ब्याज दर को स्थिर रखना एक उपयुक्त कदम है।
