एंथ्रोपिक ने हाल ही में बताया कि उसने कई राज्य-स्पॉन्सर्ड निगरानी अभियानों को बंद कर दिया है, जिनमें उसके आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) मॉडल का उपयोग किया गया था। कंपनी ने यह भी चेतावनी दी है कि विभिन्न सरकारें और उनके समर्थक गुट एआई का उपयोग करके अल्पसंख्यक समूहों और असंतुष्टों की निगरानी करने में तेजी दिखा रहे हैं।
इस संदर्भ में, एंथ्रोपिक ने बताया कि उसके एआई मॉडल का दुरुपयोग न केवल चीन और ईरान जैसे देशों में हो रहा है, बल्कि यह एक व्यापक वैश्विक समस्या बनती जा रही है। कंपनी ने कहा कि उनकी तकनीक का उपयोग कर सरकारें अपने नागरिकों पर नज़र रखने के लिए नए तरीके खोज रही हैं।
इन निगरानी अभियानों का उद्देश्य न केवल राजनीतिक असंतोष को दबाना है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि अल्पसंख्यक समुदायों और विरोधियों की आवाज़ों को भी नियंत्रित किया जा सके। एंथ्रोपिक के अनुसार, यह एक गंभीर चिंता का विषय है क्योंकि यह मानवाधिकारों का उल्लंघन करता है और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को खतरे में डालता है।
कंपनी ने यह भी उल्लेख किया कि एआई तकनीक की बढ़ती उपलब्धता और इसकी सस्ती कीमतें सरकारों को इसे अपने उद्देश्यों के लिए तेजी से अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। ऐसे में, एंथ्रोपिक का कहना है कि एआई के साथ इस तरह के दुरुपयोग को रोकने के लिए ठोस उपायों की आवश्यकता है।
