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लॉरेंस पर USA में मर्डर केस, FBI अमेरिका ले जाएगी:गोल्डी बराड़ पर 50 हजार डॉलर इनाम; दावा- दोनों ने कनाडा में निज्जर की हत्या कराई




कनाडा में खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर अमेरिका ने पहली बार चार्जशीट दाखिल की है। इसमें दावा है कि हत्या का आदेश भारतीय जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई और फरार चल रहे गोल्डी बराड़ ने दिया था। अमेरिकी सरकार के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई भारतीय जेल में रहते हुए भी अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क चला रहा था। वह जेल में तस्करी से पहुंचाए गए मोबाइल फोन और इंटरनेट कॉलिंग डिवाइस के जरिए हत्या, रंगदारी, अपहरण, ड्रग्स और मानव तस्करी जैसी गतिविधियों का निर्देश देता था। अमेरिका लॉरेंस समेत कई भारतीय अपराधियों के नेटवर्क पर कार्रवाई करने के लिए ऑपरेशन हार्ड बॉल चला रहा है। इसी के तहत 24 आरोपियों को गिरफ्तार किया और 37 लोगों के खिलाफ अमेरिकी फेडरल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई। रिपोर्ट में भारतीय जेल में बंद जग्गू भगवानपुरिया, सुखराज सिंह कंग समेत कई नाम हैं। अमेरिकी एजेंसियां 10 फरार आरोपियों की तलाश कर रही हैं। इसके साथ ही गोल्डी बराड़ पर 50 लाख का इनाम रखा है। न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक अमेरिका इनमें से भारतीय जेल में बंद सभी अपराधियों के प्रत्यर्पण की मांग कर सकता है। अमेरिकी रिपोर्ट में भारत सरकार का जिक्र नहीं 1. आरोप सिर्फ अपराधियों पर, सरकार का जिक्र नहीं पूरे अमेरिकी आरोप पत्र और प्रेस रिलीज में भारत सरकार, RAW, NIA या किसी भारतीय सरकारी अधिकारी पर कोई आरोप नहीं लगाया गया है। आरोप केवल कथित आपराधिक गिरोहों और उनके सदस्यों पर हैं। 2. ऑपरेशन हार्ड बॉल के तहत 37 पर आरोप, 24 गिरफ्तार अमेरिका, कनाडा और यूरोप ने संयुक्त अभियान ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ चलाकर भारत से जुड़े तीन अंतरराष्ट्रीय अपराध गिरोहों पर कार्रवाई की। इसमें 37 लोगों पर आरोप लगाए गए और 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया। 3. बिश्नोई पर जेल से गैंग चलाने का आरोप अमेरिकी आरोपपत्र के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई भारत की जेल में रहते हुए मोबाइल और इंटरनेट कॉलिंग (VoIP) डिवाइस के जरिए हत्या, रंगदारी, अपहरण, ड्रग्स और मानव तस्करी जैसे अपराधों का संचालन करता था। 4. निज्जर हत्या का आदेश देने का आरोप अमेरिकी न्याय विभाग का आरोप है कि 18 जून 2023 को कनाडा में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आदेश लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ ने दिया था। 4. रंगदारी और ड्रग्स तस्करी का नेटवर्क रिपोर्ट के मुताबिक, गिरोह वॉट्सऐप और अन्य एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए धमकी देकर रंगदारी वसूलता था। साथ ही ड्रग्स तस्करी और प्रतिद्वंद्वी गिरोहों से कोकीन लूटकर अपना नेटवर्क चलाता था। 5. दो और गैंग पर भी कार्रवाई इस अभियान में सिर्फ बिश्नोई गिरोह ही नहीं, बल्कि जग्गू भगवानपुरिया गिरोह और रविंदर सिंह ढांडा नेटवर्क पर भी हत्या, हथियारों की तस्करी, रंगदारी और ड्रग्स तस्करी के आरोप लगाए गए हैं। लॉरेंस के प्रत्यर्पण पर निर्णय भारत सरकार करेगी क्या कभी किसी को भारत से प्रत्यर्पित किया गया?
इसका जवाब है हां। गणेश शेनॉय को 2025 में लगभग 20 साल पुराने सड़क हादसे में मौत के मामले में भारत ने अमेरिका प्रत्यर्पित किया। लंबे कानूनी संघर्ष के बाद भारतीय अदालतों और सरकार ने प्रत्यर्पण मंजूर किया। गणेश शेनॉय 2005 में अमेरिका में सड़क हादसे के बाद भारत भाग आया था। वह करीब 20 साल तक भारत में रहा और अमेरिकी प्रत्यर्पण अनुरोध के खिलाफ भारतीय अदालतों में कानूनी लड़ाई लड़ता रहा। सभी कानूनी विकल्प खत्म होने के बाद भारत सरकार ने उसके प्रत्यर्पण को मंजूरी दी। इसके बाद सितंबर 2025 में उसे भारत से अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया, जहां उस पर मुकदमा चला। 2023 में हुई थी निज्जर की हत्या ———– ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका के खुलासे के बाद होशियारपुर SHO हटाया, अटॉर्नी जनरल ने कहा था- 4 लाख डॉलर फिरौती मांगी होशियारपुर के पुलिस थाना टांडा के SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा को 4 लाख डॉलर की फिरौती केस में लाइन हाजिर कर दिया गया है। अमेरिका के अटॉर्नी जनरल ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में नागरा का नाम लिया था। जनरल ने फिरौती के मामले में कई खुलासे किए। (पढ़ें पूरी खबर)



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