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जिन्होंने दिलाई बालेन शाह को सत्ता अब वही खींच रहे कुर्सी, नेपाल में फिर सड़कों पर उतरा Gen-Z


नेपाल में एक बार फिर Gen-Z आंदोलन शुरू हो गया है, लेकिन इस बार युवा प्रधानमंत्री बालेन शाह के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. पिछले तीन दिनों में तीन युवाओं ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया. नेपाल में सरकार द्वारा भूमिहीन झुग्गीवासियों के लिए वैकल्पिक पुनर्वास की व्यवस्था किए बिना उन्हें हटाए जाने के फैसले के विरोध में सैकड़ों लोगों ने रविवार (12 जुलाई 2026) को प्रदर्शन किया. 

बालेन शाह के खिलाफ क्यों हो रहे प्रदर्शन

संयुक्त राष्ट्रीय भूमिहीन मोर्चा के आह्वान पर आयोजित यह प्रदर्शन काठमांडू में सिंहदरबार सचिवालय के सामने स्थित मैतीघर मंडला में हुआ. प्रदर्शनकारियों ने ‘‘गरीबों पर अत्याचार बंद करो’’, ‘‘मानवाधिकारों का सम्मान करो’’, ‘‘अवैध गिरफ्तारियां बंद करो’’ और ‘‘भूमिहीन झुग्गीवासियों को आश्रय दो’’ जैसे नारे लिखी तख्तियां हाथों में ले रखी थीं. इस बीच, काठमांडू के कीर्तिपुर स्थित सरकार के एक अस्थायी आवास केंद्र में शुक्रवार रात आई बाढ़ से पानी भर गया. इसके बाद सुरक्षाबलों की मदद से वहां रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. वहां करीब 150 भूमिहीन झुग्गीवासी रह रहे थे. 

Gen-Z पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज

घटना की जानकारी लेने के लिए Gen-Z से जुड़े युवा कार्यकर्ता शनिवार (11 जुलाई 2026) को वहां पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उनपर लाठीचार्ज किया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया. इस दौरान एक कार्यकर्ता के चेहरे पर चोट लगी, जिसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया. नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष गगन कुमार थापा ने कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की आलोचना करते हुए पुलिस कार्रवाई पर आपत्ति जताई और गिरफ्तार लोगों को तत्काल रिहा करने की मांग की. 

दूसरी तरफ कोशी प्रांत में मोरांग जिला पुलिस कार्यालय के मुख्य द्वार पर Gen-Z कार्यकर्ताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार के विरोध में धरना दे रहे 26 लोगों को भी पुलिस ने 12 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया. इससे पहले, अप्रैल में सरकार ने काठमांडू घाटी सहित देश के विभिन्न हिस्सों में भूमिहीन लोगों की झुग्गियां और अन्य अस्थायी ढांचे हटाकर उन्हें बेदखल कर दिया था. इस कार्रवाई से 2,600 परिवारों के 15,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए थे. 

इनमें से 325 परिवार काठमांडू के विभिन्न हिस्सों में बनाए गए अस्थायी आवास केंद्रों में रह रहे थे. सरकार ने दो जुलाई को भूमिहीन झुग्गीवासियों को 6 जुलाई तक इन अस्थायी आवास केंद्रों को खाली करने का निर्देश दिया था. हालांकि, गुरुवार (9 जुलाई 2026) तक 60 से अधिक परिवार वहां रह रहे थे. 



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