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ईरान ने लिंडसे को मारा? ट्रंप के करीबी की मौत के तुरंत बाद जारी की डरावनी फोटो, अगला टारगेट कौन


अमेरिकी सांसद और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी लिंडसे ग्राहम की मौत को लेकर के ईरान ने अपनी हिट लिस्ट जारी की है, जिसमें उसने लिंडसे की मौत के पीछे अपना हाथ होने का संकेत दिया है. ईरान की ओर से जो हिट लिस्ट जारी की गई है उसमें लिंडसे ग्राहम के चेहरे पर क्रॉस दिखाया गया है. कहीं ना कहीं यह संदेश देने की कोशिश है कि इस मौत में उसका हाथ हो सकता है. वह पहले से ईरान की हीट लिस्ट में थे. 

ईरान ने जारी की डरावनी तस्वीरें

ईरान में विरोध प्रदर्शन के दौरान लिंडसे ग्राहम की तस्वीरें नजर आई थी और इसी तरह टारगेट पर दिखाए गए थे. हालांकि इसे लेकर ईरान की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. यूक्रेन दौरे के एक दिन बाद लिंडसे ग्राहम की संदिग्ध मौत हो गई। ट्रंप ने कई बार कह चुके हैं कि वह ईरान के हिट लिस्ट में टॉप पर हैं. बड़ी बात ये है कि ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे में भी लिंडसे ग्राहम के हिट लिस्ट में होने के पोस्टर लगे थे. 

ईरान ने हिट लिस्ट वाले नेताओं की फोटो जारी की है. पहली तस्वीर में लिंडसे यूक्रेन की फैसिलिटी का दौरा करते हुए नजर आ रहे हैं. दूसरी तस्वीर में अली खामेनेई के जनाजे के दौरान लिंडसे ग्राहम की तस्वीर पर टारगेट का साइन दिखाया जा रहा है. अब जो तीसरी तस्वीर सामने आई है इसमें उन नेताओं की लिस्ट जारी की गई है जो कि ईरान के हिट लिस्ट में हैं. इसमें नंबर वन डोनाल्ड ट्रंप नजर आ रहे हैं. सबसे आखिरी में लिंडसे हैं और उनके चेहरे पर क्रॉस लगा हुआ है.

लिंडसे के ऑफिस का बयान

मौत से ठीक एक दिन पहले यूएस के सेनेटर लिंडसे ग्राहम यूक्रेन के दौरे पर गए थे. यहां उन्होंने ड्रोन फैसिलिटी का जायजा लिया था और उसके एक दिन बाद उनकी मौत की खबर सामने आई. लिंडसे के ऑफिस ने बताया, ‘एक बीमारी के कारण सीनेटर ग्राहम का शनिवार (11 जुलाई 2026) शाम निधन हो गया. परिवार इस समय लोगों से प्रार्थनाओं की अपील करता है और इस बेहद कठिन समय में निजता का सम्मान करने का अनुरोध करता है.’

लिंडसे ग्राहम को अमेरिकी विदेश नीति की प्रभावशाली आवाज माना जाता था। दक्षिण कैरोलाइना का दो दशक से अधिक समय तक सीनेट में प्रतिनिधित्व करने वाले ग्राहम रूस के साथ युद्ध में यूक्रेन के सबसे मुखर समर्थकों में शामिल थे और मॉस्को पर कड़े प्रतिबंध लगाने के प्रमुख पैरोकार थे. उन्होंने यूक्रेन युद्ध के दौरान भारत के रूस से तेल खरीदने की भी मुखर आलोचना की थी.

उन्होंने ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को तानाशाह करार दिया दिया था. उन्होंने कहा था, ‘अब उनका जाने का समय आ गया है. अगर मैं मिस्टर प्रेसीडेंट की जगह होता तो उस लीडरशिप को ही खत्म कर देता जो अपनी ही जनता को मार रही है.’



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