⚡ Breaking News

इंडनेशिया पहुंचे पीएम मोदी तो प्रोटोकॉल तोड़ ऐसे हुआ प्रेसिडेंट ने किया ग्रैंड वेलकम, जानें क्यों चीन की नजर


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों की अपनी यात्रा के पहले चरण में सोमवार (6 जुल) को इंडोनेशिया पहुंचे. उनकी इस यात्रा का मुख्य मकसद भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति (पूर्वी देशों के साथ रिश्ते मजबूत करने की नीति) को आगे बढ़ाना, समुद्र को लेकर भारत के विजन को साफ करना और इंडो पैसिफिक रीजन को सभी के लिए आजाद, खुला और सुरक्षित बनाए रखने के भारत के वादे को और मजबूत करना है. एयरपोर्ट पर मोदी का स्वागत इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने किया.

जकार्ता पहुंचे पीएम मोदी

पीएम मोदी ने जकार्ता पहुंचने के बाद एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘2018 में, हमने दोनों देशों के संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) के स्तर तक पहुंचाया, जिससे हमारे लोगों को बहुत लाभ हुआ है. इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो और मैं विभिन्न क्षेत्रों में इस साझेदारी को और तेजी देने के उद्देश्य से चर्चा करेंगे. राष्ट्रपति प्रबोवो और मैं योग्याकार्ता में प्रम्बानन मंदिर परिसर का भी दौरा करेंगे. यह यात्रा हमारे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और भी मजबूत करेगी. इंडोनेशिया में रहने के दौरान, मैं भारतीय समुदाय के साथ बातचीत करने के अवसर का भी बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं.’

पीएम मोदी की यह यात्रा जनवरी 2025 में गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर राष्ट्रपति प्रबोवो की भारत की राजकीय यात्रा के बाद हो रही है. उन्होंने कहा, ‘भारत और इंडोनेशिया के बीच सभ्यतागत और लोगों के आपसी संबंध बहुत मजबूत हैं और मेरी यह यात्रा हमारी बहुआयामी साझेदारी के सभी पहलुओं को और मजबूत करेगी.’

प्रम्बानन मंदिर परिसर का दौरा करेंगे पीएम मोदी

इस यात्रा के दौरान, पीएम मोदी इंडोनेशिया में भारतीय समुदाय के लोगों से भी मिलेंगे और राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ योग्याकार्ता में प्रम्बानन मंदिर परिसर का दौरा करेंगे, जो दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों का एक और उत्कृष्ट उदाहरण है. योग्याकार्ता शहर से लगभग 17 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित यह सदियों पुराना मंदिर इंडोनेशिया का सबसे विशाल हिंदू मंदिर माना जाता है.

इंडोनेशिया से मोदी ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के निमंत्रण पर मेलबर्न जाएंगे. यात्रा के आखिरी चरण में वह न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के न्योते पर ऑकलैंड पहुंचेंगे.

ये भी पढ़ें : खामनेई की आखिरी सलामी में जाने से इन 3 मुस्लिम देशों का इनकार, कैसे तेहरान के चलते बंट गया इस्लामिक वर्ल्ड





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *