दिवाली के पर्व पर दिल्ली की हवा की गुणवत्ता अत्यधिक खराब हो गई है। रविवार को राष्ट्रीय राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 376 तक पहुँच गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। जहांगीरपुरी में यह 463 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में है।
दिल्ली की बिगड़ती हवा की स्थिति
दिल्ली में दिवाली के बाद हवा की गुणवत्ता और खराब होने की संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि पटाखों, वाहनों से निकलने वाले धुएं और पराली जलाने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। रविवार को 59 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 12 में हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’ और 22 में ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, AQI का स्तर 0 से 50 के बीच ‘अच्छा’, 51 से 100 ‘संतोषजनक’, 101 से 200 ‘मध्यम’, 201 से 300 ‘खराब’, 301 से 400 ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 ‘गंभीर’ माना जाता है।
अन्य शहरों का AQI
दिल्ली के अलावा अन्य शहरों की हवा की गुणवत्ता भी प्रभावित हुई है। फरीदाबाद में AQI 326, गाजियाबाद में 367, ग्रेटर नोएडा में 348, गुरुग्राम में 323, लखनऊ में 315 और चेन्नई में 404 दर्ज किया गया।
मौसम और वायु गुणवत्ता विशेषज्ञों के अनुसार, इन शहरों में हवा की गुणवत्ता में गिरावट प्रतिकूल मौसमी स्थितियों, दिवाली के उत्सवों और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन के कारण हो सकती है।
प्रदूषण के कारण और उपाय
वायु गुणवत्ता विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रदूषण के बढ़ने का प्रमुख कारण वाहनों से निकलने वाला धुआं, पटाखों का जलना और पराली का जलाया जाना है। दिल्ली के ‘डिसीजन सपोर्ट सिस्टम’ के अनुसार, परिवहन क्षेत्र का योगदान 19 प्रतिशत तक होने का अनुमान है।
विशेषज्ञों का सुझाव है कि सरकार को प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए कठोर कदम उठाने होंगे। साथ ही, लोगों को भी अपने स्तर पर प्रदूषण कम करने के प्रयास करने चाहिए।
Source: NDTV India
