गुरुग्राम प्रशासन ने दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के चलते वर्क फ्रॉम होम नियम के उल्लंघन का मामला सामने आने पर दो प्रमुख लॉ फर्मों को नोटिस जारी किया है। इन फर्मों पर आरोप है कि उन्होंने 50% वर्क फ्रॉम होम नियम का पालन नहीं किया।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्त कदम
प्रशासन ने प्रदूषण नियंत्रण के तहत सख्त कदम उठाते हुए ट्राइलीगल और जेएसए एडवोकेट्स एंड सॉलिसिटर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एसडीएम बादशाहपुर की टीम ने 5 नवंबर को सेक्टर-42 स्थित इन कार्यालयों का निरीक्षण किया था, जिसमें निर्धारित सीमा से अधिक कर्मचारी कार्यालय में उपस्थित पाए गए।
प्रशासन ने 24 घंटे के भीतर जवाब प्रस्तुत करने को कहा है, जिसमें कर्मचारियों की वास्तविक संख्या और अन्य संबंधित रिकॉर्ड शामिल हैं।
कार्यालयों में कर्मचारियों की अधिक उपस्थिति
जांच के दौरान जेएसए एडवोकेट्स एंड सॉलिसिटर्स में कुल 117 कर्मचारियों में से 87 कर्मचारी कार्यालय में उपस्थित पाए गए, जबकि नियमों के अनुसार केवल 58 कर्मचारियों को ही कार्यालय में रहने की अनुमति थी। ट्राइलीगल में कुल 262 में से 160 कर्मचारी कार्यालय में उपस्थित थे, जबकि केवल 131 कर्मचारियों को ही अनुमति थी।
प्रशासन के अनुसार, यह वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देशों का उल्लंघन है।
प्रशासन की पहली कार्रवाई
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, सोशल मीडिया पर वर्क फ्रॉम होम नियमों का पालन नहीं करने की शिकायतें प्राप्त होने के बाद यह कार्रवाई की गई है। यह पहली बार है जब गुरुग्राम में कॉर्पोरेट संस्थानों पर ऐसी कार्रवाई की गई है।
यदि 24 घंटे में संतोषजनक जवाब नहीं मिलता, तो CAQM Act 2021 की धारा 14 के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
नियमों का पालन अनिवार्य
गुरुग्राम के जिला उपायुक्त उत्तम सिंह ने 3 नवंबर को आदेश जारी किए थे, जिसके तहत 5 से 20 नवंबर तक अधिकतम 50% कर्मचारियों को ही कार्यालय में उपस्थित होने की अनुमति है। शेष कर्मचारियों को घर से काम करना अनिवार्य किया गया है।
यह नियम प्रदूषण नियंत्रण के लिए लागू किया गया है और प्रशासनिक टीमें इसका पालन सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण कर रही हैं।
Source: NDTV India
