केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए अग्निवीरों की सेवा अवधि में दो वर्ष का विस्तार कर दिया है। यह निर्णय प्रदेश के उन क्षेत्रों के युवाओं को आकर्षित करने के लिए लिया गया है जो सेना भर्ती के लिए प्रसिद्ध हैं। इस कदम को विपक्ष के ‘चार साल में रिटायरमेंट’ के आरोपों को कमजोर करने और भारतीय जनता पार्टी के लिए राजनीतिक लाभ के रूप में देखा जा रहा है।
सेवा विस्तार का निर्णय
भारतीय सेना की अग्निवीर योजना में केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण परिवर्तन किया है। इस योजना के अंतर्गत पहले बैच के 25 प्रतिशत अग्निवीरों को सेना और वायुसेना में स्थायी नौकरी का अवसर प्रदान किया गया है। शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो वर्ष का सेवा विस्तार दिया गया है। यह घोषणा चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने की है।
इस निर्णय से तीनों सेनाओं में तैनात लगभग 3.18 लाख अग्निवीरों को लाभ मिलेगा। यह कदम केंद्र सरकार की ओर से युवाओं को सेना में सेवा देने के लिए प्रोत्साहित करने का एक प्रयास है।
राजनीतिक परिप्रेक्ष्य
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले लिया गया यह निर्णय राजनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विपक्षी दलों द्वारा सरकार पर लगाए गए आरोपों को यह कदम कमजोर कर सकता है। विशेषकर, ‘चार साल में रिटायरमेंट’ के नैरेटिव को यह निर्णय चुनौती देता है।
केंद्र सरकार का यह कदम भाजपा के लिए एक रणनीतिक दांव माना जा रहा है, जो चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। यह निर्णय उन युवाओं को भी संदेश देता है जो सेना में दीर्घकालिक कैरियर की उम्मीद रखते हैं।
Source: BBC World News
