हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस का पर्व मनाया जाता है। 2026 में यह पर्व 6 नवंबर को शुक्रवार के दिन पड़ेगा। इस दिन सोना, चांदी, बर्तन, वाहन और भूमि-भवन की खरीदारी करना शुभ माना जाता है। परंतु इन सबके बीच एक विशेष वस्तु भी है, जिसे खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है और वह है झाड़ू।
धनतेरस पर झाड़ू खरीदने का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदना बहुत शुभ होता है। कहा जाता है कि स्वच्छ और साफ घर में ही माता लक्ष्मी का स्थायी वास होता है। झाड़ू घर की गंदगी को बाहर निकालती है, इसलिए इसे देवी लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है।
झाड़ू घर से कचरे के साथ-साथ नकारात्मक ऊर्जा और दरिद्रता को भी बाहर करती है। धनतेरस पर नई झाड़ू लाने से घर में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
मां लक्ष्मी का वास और आर्थिक समृद्धि
कहा जाता है कि जिस घर में मां लक्ष्मी का वास होता है, वहां दुख-दरिद्रता का प्रवेश नहीं होता। जो लोग आर्थिक समस्याओं या कर्ज से परेशान हैं, उन्हें धनतेरस के अवसर पर झाड़ू खरीदकर पूजा-अर्चना करनी चाहिए। मान्यता है कि इस दिन नई झाड़ू खरीदकर लाने से आर्थिक संकट से मुक्ति मिलती है।
झाड़ू रखने की सही दिशा
झाड़ू को हमेशा घर के ऐसे कोने में रखना चाहिए जहां बाहरी लोगों की नजर न पड़े। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, झाड़ू को धन की देवी लक्ष्मी का रूप माना गया है। इसे खुले में या मुख्य दरवाजे के सामने रखने से बचना चाहिए।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, झाड़ू को दक्षिण-पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा में रखना सबसे शुभ होता है। इसे कभी भी ईशान कोण या मंदिर/रसोई के पास नहीं रखना चाहिए।
Source: NDTV India
