अमेरिका के मिडटर्म चुनावों के दौरान मिशिगन से सीनेट के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार अब्दुल अल सैयद की जीत ने एक नया राजनीतिक संवाद शुरू कर दिया है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस जीत को उत्तर प्रदेश की राजनीति से जोड़ते हुए अपने विचार साझा किए हैं।
ओवैसी का बयान
असदुद्दीन ओवैसी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “एक अब्दुल मिशिगन में जीत गया, अब उत्तर प्रदेश के अब्दुल को अपनी सियासी पहचान मजबूत करनी होगी।” उन्होंने कहा कि संघियों ने अब्दुल को एक व्यंग्यात्मक रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश की है, पर अब समय आ गया है कि अब्दुल अपनी शक्ति दिखाए और किसी के अधीन न हो। उन्होंने यह भी कहा कि अब अब्दुल दरी नहीं बिछाएंगे।
अमेरिका चुनाव का असर
अमेरिका के मिडटर्म चुनावों में डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाली रिपब्लिकन पार्टी को भारी हार का सामना करना पड़ा है। 50 वर्षों में पहली बार सत्तारूढ़ पार्टी ने सीनेट और प्रतिनिधि सभा दोनों में अपना बहुमत खो दिया है। अब्दुल अल सैयद ने रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रोजर्स को पराजित किया।
उत्तर प्रदेश चुनाव की तैयारी
उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं। ओवैसी ने इसके पहले समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन करने की कोशिश की थी, लेकिन अखिलेश यादव ने उन्हें खास तवज्जो नहीं दी। ओवैसी का यह बयान इस बात का संकेत है कि वह यूपी चुनाव में अपनी पार्टी की स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
अब्दुल अल सैयद का परिचय
अब्दुल अल सैयद एक डेमोक्रेटिक प्रत्याशी हैं जिन्होंने मिशिगन की सीनेट सीट जीती है। वे एक महामारी विशेषज्ञ हैं और डेट्रॉयट में जन्मे हैं। उनके माता-पिता मिस्र के अप्रवासी हैं। अब्दुल ने यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन से स्नातक और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पब्लिक हेल्थ में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की है।
Source: NDTV India
