रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस जघन्य अपराध के एक महीने बाद, मुख्य आरोपी वरुण कुमार को उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार किया गया।
आगरा से गिरफ्तारी और भोपाल लाते समय मुठभेड़
पुलिस के अनुसार, मंगलवार तड़के वरुण कुमार को भोपाल लाया जा रहा था। इस दौरान मुगलिया छाप इलाके के पास उसने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की। पुलिस और आरोपी के बीच हुई झड़प में वरुण के पैर में गोली लग गई। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया।
हत्या की पृष्ठभूमि और पुलिस जांच
राकेश अग्रवाल 1982 बैच के आईएएस अधिकारी थे और उनका शव 1 अक्टूबर को भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र स्थित उनके आवास में मिला था। पुलिस के मुताबिक, 30 सितंबर की रात उनके गले पर धारदार हथियार से हमला किया गया था। घटना के समय उनकी पत्नी निशी अग्रवाल घर के दूसरे कमरे में थीं।
पुलिस जांच में पाया गया कि घर अस्त-व्यस्त था और अलमारियां खुली हुई थीं। आरोपी पर वारदात के बाद सबूत मिटाने के लिए रसोई गैस सिलेंडर का पाइप अलग करने का भी आरोप है।
आरोपी की खोज और गिरफ्तारी
हत्या के बाद वरुण कुमार फरार हो गया था। उसकी खोज में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश के मथुरा, वृंदावन और ग्वालियर सहित कई इलाकों में छापेमारी की गई। पुलिस ने आरोपी तक पहुंचने के लिए सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया।
पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब उससे पूछताछ कर हत्या के पीछे की मंशा और वारदात की योजना के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी।
IAS एसोसिएशन की प्रतिक्रिया
IAS एसोसिएशन ने मामले में गिरफ्तारी में हो रही देरी को लेकर चिंता जताई थी। एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री से मुलाकात कर जल्द कार्रवाई की मांग की थी।
Source: NDTV India
