इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में यह स्पष्ट किया है कि वह एक व्यापक राष्ट्रीय सरकार बनाने के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके लिए वह अरब पार्टियों के समर्थन पर निर्भर नहीं होंगे। यह बयान उस समय आया जब इजरायल में चुनाव के बाद राजनीतिक अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
जनता का जनादेश नेतन्याहू के पक्ष में
नेतन्याहू ने दावा किया है कि जनता ने उन्हें अगली सरकार बनाने का जनादेश दिया है। उन्होंने बताया कि उनकी लिकुड पार्टी चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। नेतन्याहू ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी सभी को साथ लेकर एक व्यापक राष्ट्रीय सरकार बनाने की कोशिश कर रही है।
नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर कहा कि इजरायल की जनता ऐसी सरकार नहीं चाहती जिसे ‘राआम’ और ‘जॉइंट लिस्ट’ जैसी अरब पार्टियों के समर्थन की जरूरत हो। उन्होंने इन पार्टियों पर आतंकवाद का समर्थन करने और यहूदी राज्य के अस्तित्व को नहीं मानने का आरोप लगाया।
विपक्षी दलों की रणनीति
दूसरी ओर, विपक्षी दल भी अपनी सरकार बनाने की कोशिशें जारी रखे हुए हैं। यिसरायल बेतेनु पार्टी के नेता एविग्डोर लिबरमैन ने नेतन्याहू के साथ सरकार बनाने से मना कर दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, लिबरमैन ने राष्ट्रपति के सामने ‘यशार’ पार्टी के नेता गादी आइसेनकोट का नाम प्रस्तावित किया है।
लिबरमैन ने आइसेनकोट के चुनाव प्रचार की आलोचना भी की है, यह कहते हुए कि वे पूरे विपक्ष को साथ लेकर नहीं चले, जिसके कारण विपक्षी दलों को कुल 48 सीटें ही मिल पाईं। उन्होंने नेतन्याहू के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होने की संभावना को भी खारिज कर दिया है।
Source: BBC World News
