बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान को हाल ही में ‘भारत छोड़ो’ नोटिस मिला था, जिसके खिलाफ उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस मामले की सुनवाई के दौरान इमरान ने अदालत को आश्वासन दिया कि वे भविष्य में किसी भी प्रकार के विरोध प्रदर्शन में भाग नहीं लेंगे।
भारत छोड़ो नोटिस का मामला
विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) द्वारा इमरान खान को ‘भारत छोड़ो’ नोटिस जारी किया गया था। इस नोटिस के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने इमरान खान से कहा कि विदेशी नागरिक होने के नाते उन्हें भारत में प्रदर्शन करने का अधिकार नहीं है।
इमरान के वरिष्ठ वकील वेंकटेश धोंड ने कोर्ट में कहा कि अभिनेता का किसी भी विरोध प्रदर्शनकारी संगठन से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि इमरान के खिलाफ कोई पूछताछ या समन नहीं हुआ है और सभी धाराएं जमानती हैं।
कोर्ट में हुई बहस
सुनवाई के दौरान, मुख्य न्यायाधीश एम.सी. त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की पीठ ने नोटिस पर रोक लगा दी थी। इमरान खान के वकील ने अदालत को बताया कि वह अमेरिका में जन्मे हैं और उनके पास अमेरिकी पासपोर्ट और OCI कार्ड है। हालांकि, उन्होंने कहा कि उनका अधिकांश जीवन भारत में ही गुजरा है।
राज्य सरकार के वकील ने कोर्ट को बताया कि मामले में FIR दर्ज की जा चुकी है। FRRO की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने अदालत से कहा कि उनके पास पर्याप्त सबूत हैं, जो कोर्ट में पेश किए जा सकते हैं।
अदालत का निर्णय
अदालत ने इमरान खान से कहा कि वह एक OCI कार्ड होल्डर हैं और भारतीय नागरिक की तरह व्यवहार नहीं कर सकते। कोर्ट ने उन्हें निर्देश दिया कि वे अदालत में अंडरटेकिंग दें कि वे भविष्य में किसी भी विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे।
अदालत ने इमरान को यह भी पूछा कि जब वे बचपन से भारत में रह रहे हैं और बॉलीवुड स्टार बन चुके हैं, तो उन्होंने भारतीय नागरिकता क्यों नहीं ली। वकील धोंड ने इस पर निर्देश हासिल करने का आश्वासन दिया और कहा कि वे अंडरटेकिंग देने के लिए तैयार हैं।
Source: BBC World News
