भारत के आंध्र प्रदेश के तट पर एक बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ ने 28 अक्टूबर की सुबह अपने तीव्रतम चरण में प्रवेश किया। इस तूफान की अधिकतम निरंतर वायु गति 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटा थी और यह 150 किलोमीटर प्रति घंटा तक बढ़ गई।
इस चक्रवात के कारण तटीय क्षेत्रों में भारी तबाही का खतरा मंडरा रहा था, जिससे भारतीय तटरक्षक बल ने तुरंत कार्रवाई करने का निर्णय लिया। इस तूफान के दौरान, एक कार्गो जहाज जो कि आंध्र प्रदेश के तट के समीप फंस गया था, में सवार 20 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकालने के लिए बचाव अभियान चलाया गया।
तटरक्षक बल ने अपनी उच्च तकनीकी क्षमताओं का उपयोग करते हुए बचाव कार्य को अंजाम दिया। जहाज की स्थिति काफी गंभीर थी और चालक दल के सदस्यों की जान को खतरा था। भारतीय तटरक्षक बल ने अत्याधुनिक बचाव उपकरणों का उपयोग करते हुए उन सभी को सफलतापूर्वक बचा लिया।
इस अभियान में तटरक्षक बल के अनेक जहाजों और विमानों ने भाग लिया। बचाव कार्य के दौरान, मौसम की स्थिति अत्यंत चुनौतीपूर्ण थी। हालांकि, तटरक्षक बल ने उच्च स्तर की तत्परता और पेशेवर कौशल का प्रदर्शन किया।
यह घटना न केवल उन 20 जीवन की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण थी, बल्कि यह भारतीय तटरक्षक बल की तत्परता और पेशेवर कौशल का भी प्रमाण है। इस प्रकार के बचाव कार्य न केवल समुद्र में फंसे लोगों के लिए महत्वपूर्ण होते हैं बल्कि यह आपातकालीन स्थिति में तटीय सुरक्षा की भी पुष्टि करते हैं।
आगे, भारतीय तटरक्षक बल ने सभी समुद्री यात्रियों और मछुआरों को इस चक्रवाती तूफान के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने समुद्र में यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की है।
Source: NDTV India
