पंजाब के युवाओं पर नशे के बढ़ते प्रभाव को उजागर करते हुए, श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज्ज ने हाल ही में यूके संसद में एक सशक्त अपील की। उन्होंने नशे की समस्या से निपटने के लिए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
ज्ञानी कुलदीप सिंह ने कहा कि नशा एक गंभीर समस्या है जो न केवल युवाओं की जिंदगी को प्रभावित कर रही है, बल्कि समाज के सभी स्तरों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि पंजाब में युवा पीढ़ी इस समस्या का शिकार हो रही है और इसके परिणामस्वरूप कई परिवारों में टूटन आ रही है।
उन्होंने ध्यान दिलाया कि नशे की आपूर्ति को रोकना और प्रभावी पुनर्वास कार्यक्रमों को लागू करना अनिवार्य है। उनका कहना था कि ये दोनों पहलु एक साथ चलने चाहिए ताकि नशे की समस्या को जड़ से समाप्त किया जा सके।
जत्थेदार ने यूके संसद में संबोधन करते हुए यह भी कहा कि केवल नशे की आपूर्ति को नियंत्रित करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाना और पुनर्वास के लिए सटीक उपाय भी आवश्यक हैं। उन्हें उम्मीद है कि इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा होगी और नशे के खिलाफ एक ठोस कार्रवाई की जाएगी।
यह अपील उस समय की गई है जब पंजाब में नशे की समस्या गंभीर रूप लेती जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में, नशे के मामलों में वृद्धि ने चिंता उत्पन्न की है। पंजाब के कई युवाओं ने नशे की लत में डूबकर अपनी जिंदगी को बर्बाद कर लिया है। ऐसे में जत्थेदार की अपील इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है।
ज्ञानी कुलदीप सिंह ने यूके सरकार से भी अपील की कि वे इस समस्या को गंभीरता से लें और पंजाब के साथ सहयोग करें ताकि नशे की समस्याओं का समाधान किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि नशे की समस्या केवल पंजाब की नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर एक गंभीर चुनौती है।
Source: NDTV India
