एनडीटीवी वर्ल्ड समिट 2026 में निखिल कामथ ने भारतीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र के सामने आने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत को अमेरिका और चीन जैसे देशों के समान उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) मॉडल विकसित करने में कठिनाई हो सकती है।
कामथ ने बताया कि इन दोनों देशों में एआई के विकास के लिए जो संसाधन और बुनियादी ढाँचा है, वह भारत के पास वर्तमान में नहीं है। अमेरिका और चीन ने अपने-अपने ढंग से एआई में भारी निवेश किया है, जिससे उनकी तकनीकी प्रगति में तेजी आई है।
भारत की स्थिति और इसकी संभावनाओं को समझाते हुए, उन्होंने कहा कि भारत को अपने अद्वितीय संसाधनों और क्षमताओं का लाभ उठाना चाहिए। यह आवश्यक नहीं है कि भारत हर स्तर पर इन बड़े देशों के साथ प्रतिस्पर्धा करे। इसके बजाय, भारत को अपनी विशेषताओं और स्थानीय जरूरतों के अनुसार एआई के क्षेत्र में विकास करना चाहिए।
कामथ ने यह भी सुझाव दिया कि भारत को अधिकतम लाभ उठाने के लिए एक अलग दृष्टिकोण अपनाना चाहिए, जिसमें एआई के अनुप्रयोगों को स्थानीय स्तर पर अनुकूलित करना शामिल है। इस प्रकार, भारत को अपने लिए एक विशेष स्थान बनाने का अवसर मिलेगा।
समिट में, कामथ ने यह भी उल्लेख किया कि भारतीय कंपनियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए नवाचार और अनुसंधान में अधिक ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। यह महत्वपूर्ण है कि भारत अपने युवा प्रतिभाओं को प्रशिक्षित करे और उन्हें एआई के क्षेत्र में आवश्यक कौशल प्रदान करे।
इस प्रकार, निखिल कामथ का यह बयान भारत के लिए एक नई दिशा का संकेत देता है। अगर भारत अपने अद्वितीय संसाधनों का सही उपयोग कर सके, तो वह एआई के क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकता है और वैश्विक स्तर पर एक अलग मुकाम हासिल कर सकता है।
Source: NDTV India
