अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में भारतीय मूल के उम्मीदवार निरव शेट ने वीजा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को उन लोगों के लिए अधिक अनुकूल बनाना चाहिए जो वास्तव में अर्थव्यवस्था में योगदान देना चाहते हैं। निरव शेट, जो पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी से जुड़े हैं, ने यह बयान समाचार चैनल NDTV के साथ एक साक्षात्कार में दिया।
वीजा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता
शेट का मानना है कि वर्तमान इमिग्रेशन प्रणाली में कई खामियां हैं, जिन्हें ठीक करने की आवश्यकता है। उनका कहना है कि अमेरिका को उन पेशेवरों के लिए दरवाजे खोलने चाहिए जो अपनी क्षमता से देश की आर्थिक वृद्धि में योगदान कर सकते हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ कंपनियों द्वारा H-1B वीजा का दुरुपयोग हो रहा है। इसके तहत कई कंपनियाँ फर्जी तरीके से वीजा प्राप्त कर रही हैं, जिससे असली पेशेवरों को नुकसान पहुँच रहा है। शेट का यह बयान तब आया है जब अमेरिका में वीजा संबंधी नियमों को लेकर बहस तेज हो गई है।
फर्जी कंपनियों का मुद्दा
निरव शेट ने फर्जी कंपनियों द्वारा H-1B वीजा के दुरुपयोग की समस्या पर प्रकाश डाला। उनका कहना है कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह अमेरिका के रोजगार बाजार के लिए खतरा है, क्योंकि यह वास्तविक पेशेवरों के लिए दरवाजे बंद कर देता है।
उनका बयान इस बात को रेखांकित करता है कि इमिग्रेशन नीतियों में सुधार की आवश्यकता है ताकि वास्तविक क्षमताओं वाले पेशेवरों को अवसर मिल सके।
अगले कदम क्या होंगे?
इस मुद्दे पर निरव शेट के विचारों को देखते हुए, यह स्पष्ट है कि आगामी चुनावों में इमिग्रेशन नीतियों पर चर्चा एक अहम विषय रहेगी। शेट के विचारों से यह भी संकेत मिलता है कि यदि वे चुनाव जीतते हैं, तो वे इस दिशा में सख्त कदम उठाने का प्रयास करेंगे।
इस प्रकार, निरव शेट का वीजा प्रणाली पर बयान न केवल उनकी राजनीतिक प्राथमिकताओं को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि वे अमेरिका की इमिग्रेशन नीतियों में सुधार के लिए प्रतिबद्ध हैं।
Source: NDTV India
