एनडीटीवी वर्ल्ड समिट 2026 का आयोजन 22 और 23 अक्टूबर को नई दिल्ली में किया गया। इस समिट का विषय था ‘आर्डर्स के बीच एक विश्व’। इस विशेष आयोजन में दुनिया भर के नेता, नीति निर्माता, अर्थशास्त्री, व्यवसाय जगत के नेता, विचारक, नवप्रवर्तनक और सांस्कृतिक प्रतिनिधि एकत्र हुए।
समिट का महत्व
यह समिट वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा है, जहां विभिन्न देशों के प्रमुख विचारों का आदान-प्रदान किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस आयोजन में भाग लेते हुए आरबीआई गवर्नर की टिप्पणी पर विशेष ध्यान दिया। उनका यह संबोधन भारतीय अर्थव्यवस्था और वैश्विक आर्थिक परिदृश्य पर महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत करता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस प्रकार के समिट से न केवल देशों के बीच सहयोग बढ़ता है, बल्कि यह वैश्विक स्थिरता के लिए भी आवश्यक है। उन्होंने आर्थिक चुनौतियों का सामना करने के लिए एकजुटता और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रतिभागियों की विविधता
इस समिट में शामिल होने वाले प्रतिभागियों की विविधता इस बात का प्रमाण है कि आज की दुनिया में विभिन्न दृष्टिकोणों का कितना महत्व है। विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए और वैश्विक समस्याओं के समाधान के लिए नए दृष्टिकोण पेश किए।
समिट में भाग लेने वाले नेताओं ने एक-दूसरे के विचारों को सुनते हुए नए विचारों को जन्म दिया, जो कि वैश्विक आर्थिक विकास की दिशा में सहायक सिद्ध हो सकते हैं।
आगे की दिशा
इस समिट के बाद, उम्मीद की जा रही है कि विभिन्न देशों के बीच सहयोग और संवाद को बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन ने इस दिशा में एक नई ऊर्जा का संचार किया है।
आने वाले समय में, यह देखना दिलचस्प होगा कि इस समिट के द्वारा उत्पन्न विचारों और सुझावों को किस प्रकार लागू किया जाता है और कैसे यह वैश्विक आर्थिक परिदृश्य को प्रभावित करते हैं।
Source: NDTV India
