मुंबई में हाल ही में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान, भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह न केवल भारत के लिए, बल्कि वैश्विक समुदाय के लिए भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। जयशंकर ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता की अपील की और कहा कि सभी देशों को मिलकर इस समस्या का सामना करना चाहिए।
इस कार्यक्रम में अमेरिकी सीनेटर मार्को रुबियो भी उपस्थित थे, जिन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने भारत और अमेरिका के बीच व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने की बात की।
द्विपक्षीय संबंधों में नए अवसर
जयशंकर ने ध्यान दिलाया कि भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय संबंधों में नए अवसर उभर रहे हैं, खासकर वाणिज्य, निवेश, तकनीकी और ऊर्जा के क्षेत्रों में। उन्होंने बताया कि निरंतर संवाद और साझा लक्ष्यों की पहचान करना एक स्पष्ट रोडमैप स्थापित करने में मदद करेगा।
रुबियो ने भी इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों के बीच सहयोग से न केवल आर्थिक विकास होगा, बल्कि सुरक्षा के मामलों में भी मजबूती आएगी। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच संबंधों का यह नया दौर एक नई संभावनाओं के द्वार खोलता है।
आगे की राह
इस कार्यक्रम के बाद, दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर काम करने और द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने की आवश्यकता पर चर्चा की। जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सभी देशों को एकजुट होना चाहिए और इस दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे।
रुबियो ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि आतंकवाद एक वैश्विक समस्या है और इसके खिलाफ सभी देशों को मिलकर लड़ना चाहिए। इससे न केवल भारत और अमेरिका के बीच संबंध मजबूत होंगे, बल्कि वैश्विक स्तर पर शांति और सुरक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा।
Source: NDTV India
