हाल ही में ओस्लो में आयोजित वार्ता के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की के बीच संबंधों में तनाव की स्थिति बनी रही। इस वार्ता से पहले ट्रम्प के दूत स्टीव विटकोफ ने ज़ेलेंस्की को गले लगाया, लेकिन यूक्रेनी नेता के मन में अमेरिकी नीति को लेकर संदेह कायम है। ज़ेलेंस्की ने इस मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया और अपने साझेदारों का समर्थन के लिए आभार जताया।
ट्रम्प और ज़ेलेंस्की के बीच बढ़ती खटास
ट्रम्प और ज़ेलेंस्की के बीच संबंध पहले से ही तनावपूर्ण रहे हैं, लेकिन हाल के दिनों में उनके बीच की खाई और गहरी हो गई है। ट्रम्प ने एक इंटरव्यू में कहा कि “ज़ेलेंस्की हमारे लिए सही व्यक्ति नहीं हैं।” दूसरी ओर, ज़ेलेंस्की ने अमेरिकी कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल के सामने अमेरिकी फैसलों पर अपनी निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कुछ फैसले ऐसे हैं जिन्हें दोस्तों के बीच समझाना मुश्किल है।
ज़ेलेंस्की ने कहा कि उन्होंने युद्ध को समाप्त करने के लिए हर प्रयास का स्वागत किया है। लेकिन जब अमेरिका ने यूक्रेन को सैन्य सहायता रोक दी और खुफिया साझेदारी सीमित कर दी, तो यूक्रेन के लिए स्थिति और कठिन हो गई।
अमेरिका की नीतियों से यूक्रेन को झटका
हाल ही में ट्रम्प प्रशासन ने रूस के साथ डीजल के व्यापार को लेकर समझौता किया, जिससे यूक्रेन के लिए मुश्किलें बढ़ गईं। इसके अलावा, अमेरिकी प्रशासन ने रूस पर लगाए गए कुछ प्रतिबंधों को भी हटा दिया, जो यूक्रेन के लिए एक और झटका था।
इस बीच, यूक्रेन के अधिकारियों ने शिकायत की कि उन्हें अमेरिकी खुफिया से समय पर जानकारी नहीं मिल रही है, जिससे रूसी हमलों का सामना करने में कठिनाई हो रही है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि यह एक सॉफ्टवेयर समस्या थी, लेकिन इस मुद्दे पर संदेह बना हुआ है।
ओस्लो वार्ता का निष्कर्ष
ओस्लो वार्ता के बाद, नॉर्वे के नेता जोनास गहर स्टोरे ने कहा कि बातचीत से कुछ मुद्दों को सुलझाने में मदद मिली है। ज़ेलेंस्की ने भी सकारात्मक संकेत दिए और कहा कि पैट्रियट मिसाइल और स्टारलिंक के मुद्दों पर अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। हालांकि, स्थिति अभी भी तनावपूर्ण है और दोनों नेताओं के बीच मतभेद बने हुए हैं।
Source: BBC World News
