भारत सरकार ने मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक को सलाह दी है कि वह अपनी सिफारिश प्रणाली की समीक्षा करे ताकि सार्वजनिक अशांति को रोका जा सके। यह निर्देश सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की ओर से जारी किया गया है। इस सलाह में यह स्पष्ट किया गया है कि मेटा को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वह कानून प्रवर्तन एजेंसियों और अन्य अधिकृत सरकारी संस्थाओं के साथ समय पर सहयोग करे।
मंत्रालय ने मेटा से अपेक्षा की है कि वह संबंधित कानूनों के अनुसार आवश्यक जानकारी या सहायता प्रदान करे। इसके साथ ही, मेटा को सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के तहत निर्धारित समयसीमा के भीतर यह सहयोग सुनिश्चित करना होगा। यह कदम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के द्वारा फैलने वाली गलत सूचना और उसके संभावित प्रभावों को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है।
सार्वजनिक अशांति से बचने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि मेटा अपनी सिफारिश प्रणाली का पुनरावलोकन करे। इससे यह सुनिश्चित होगा कि प्लेटफॉर्म पर जो सामग्री साझा की जा रही है, वह समाज में शांति और सद्भाव को बनाए रखने में सहायक हो। इस प्रकार के निर्देशों से यह संकेत मिलता है कि सरकार सोशल मीडिया कंपनियों की जिम्मेदारियों को लेकर गंभीर है।
इस सलाह का उद्देश्य मेटा जैसे प्लेटफार्मों पर सामग्री की गुणवत्ता को सुधरना और इसे नियंत्रित करना है, ताकि किसी भी प्रकार के दंगों या सार्वजनिक अशांति को रोकने में मदद मिल सके। सरकार की यह पहल सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के मद्देनजर एक महत्वपूर्ण कदम है।
आगे बढ़ते हुए, मेटा को इस सलाह के अनुसार अपनी सिफारिश प्रणाली में जरूरी बदलाव करने होंगे। यह न केवल कानून प्रवर्तन के साथ बेहतर सहयोग सुनिश्चित करेगा, बल्कि उपयोगकर्ताओं के लिए एक सुरक्षित और स्थिर ऑनलाइन वातावरण भी प्रदान करेगा। भविष्य में यह देखा जाएगा कि मेटा इस सलाह का पालन कैसे करता है और इसके परिणाम क्या होते हैं।
Source: NDTV India
