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अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के सीनेट बहसों से प्राप्त सबक

अमेरिका में मध्यावधि चुनावों के दौरान सीनेट के उम्मीदवारों के बीच हाल ही में हुई बहसों ने कई महत्वपूर्ण विषयों को उजागर किया है। इन बहसों में कुछ उम्मीदवारों के बीच तीखी नोकझोंक और व्यक्तिगत हमले देखे गए हैं। जैसे-जैसे 3 नवंबर के चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है और पार्टियां कांग्रेस पर नियंत्रण के लिए संघर्ष कर रही हैं, कुछ स्पष्ट रुझान सामने आए हैं।

ट्रंप से दूरी बनाते रिपब्लिकन

रिपब्लिकन उम्मीदवारों के लिए यह सवाल एक बार फिर प्रमुख बन गया है कि वे पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कितने करीब हैं। हालांकि, पिछले चुनावों में ट्रंप का विरोध करने वाले कंजरवेटिव उम्मीदवारों को आमतौर पर मतदाताओं का समर्थन नहीं मिला। हाल के महीनों में ट्रंप की लोकप्रियता में गिरावट आई है, और मतदाता मुख्य रूप से महंगाई और ईंधन की ऊंची कीमतों को लेकर चिंतित हैं।

कुछ रिपब्लिकन उम्मीदवार ट्रंप की नीतियों से खुद को अलग कर रहे हैं, जबकि कुछ ने ट्रंप के प्रति अपनी वफादारी बनाए रखी है। उदाहरण के लिए, मेन की रिपब्लिकन सीनेटर सुसान कॉलिन्स ने ट्रंप से अपनी दूरी स्पष्ट की है। उन्होंने एक बहस में कहा, “मैंने राष्ट्रपति बाइडेन के साथ 91% समय वोट दिया है।”

व्यक्तिगत हमलों का दौर

बहसों के दौरान उम्मीदवारों ने एक-दूसरे पर व्यक्तिगत हमले करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। मिशिगन के सीनेट सीट की रेस में, डेमोक्रेट अब्दुल एल-सैयद और रिपब्लिकन माइक रोजर्स के बीच तीखी झड़पें हुईं। रोजर्स ने अपने मुस्लिम प्रतिद्वंद्वी के परिवार के किसी सदस्य पर “वॉचलिस्ट” में होने का सवाल उठाया। एल-सैयद ने इसे कड़ा जवाब देते हुए रोजर्स को “ट्रंप प्रशासन का कठपुतली” कहा।

जोर्जिया में डेमोक्रेटिक सीनेटर जॉन ओसोफ और रिपब्लिकन माइक कॉलिन्स के बीच भी व्यक्तिगत हमले देखने को मिले। ओसोफ ने कॉलिन्स पर यह आरोप लगाया कि उन्होंने जॉर्जियाई लोगों से पैसे लेकर डेटा सेंटर डेवलपर्स को दिए।

कई उम्मीदवार बहसों से गायब

इस नवंबर में 35 सीनेट सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं, लेकिन 21 में कोई बहस नहीं हो रही है। टेक्सास में जेम्स टालारिको और केन पैक्सटन के बीच की रेस में बहस का न होना कई लोगों को चौंका रहा है। टालारिको ने चार बहसों के लिए निमंत्रण स्वीकार किए हैं, लेकिन पैक्सटन ने इनमें से कोई भी निमंत्रण स्वीकार नहीं किया है।

पैक्सटन के अभियान की ओर से कहा गया था कि वे बहस करेंगे, लेकिन इसके बाद इस पर कोई टिप्पणी नहीं की गई। ट्रंप ने भी पैक्सटन को बहस करने की सलाह दी थी।

Source: BBC World News

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